
सचिव कृषि-सह-पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार, सरकार की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में बैठक आहूत की गई। सचिव महोदय ने कृषि विभाग की सभी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश उपस्थित कृषि विभाग के सभी पदाधिकारियों एवं कर्मीगणों को दिया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों के लंबित स्थिति को देखकर नाराजगी भी व्यक्त की गई। विभिन्न पदाधिकारियों के पास लंबित मामलों को अविलम्ब निष्पादित करने का निदेश दिया गया। जिला में बीज का वितरण 10 दिसम्बर तक हर हाल में कर देने का सख्त निदेश दिया गया। जैविक खेती के लिए जिले में कुल 21 समूहों के होने की जानकारी दी गई। जिसके अंतर्गत एक हजार एकड़ में खेती की जा रही है। इसके अंतर्गत कुल 1008 किसान है, जिनमें से 853 किसानों को प्रति किसान 11 हजार 500 रूपया की दर से 100.35 लाख रूपये सब्सिडी वितरित कर दिए जाने की जानकरी दी गई। जिला पदाधिकारी महोदय ने जल जीवन हरियाली के तहत 150 एकड़ अतिरिक्त जमीन में जैविक खेती करने का प्रस्ताव दिया। जिसे सचिव महोदय ने पूरा करने का आश्वासन दिया। सचिव महोदय ने जीविका की दीदियों के समूहों को उपलब्ध कराए गए कृषि संयंत्रों के प्रयोग हेतु विस्तार से प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का निदेश दिया। फसलों के अवशेष को जलाने के संबंध में मिल रही शिकायतों की विशेष रूप से समीक्षा की गई। सैटेलाइट से प्राप्त छायाचित्रों में बक्सर जिला में काफी संख्या में पराली जलाये जाने की चर्चा करते हुए सचिव महोदय ने इस पर काफी कम कार्रवाई किए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। सभी कृषि समन्वयकों को चेतावनी देते हुए दो दोषी कृषि समन्वयकों को तत्काल प्रभाव से सचिव महोदय ने निलम्बित करने का आदेश जिला कृषि पदाधिकारी को दिया। इन दोनो के नाम है- विजय शंकर ओझा एवं मनोज कुमार। पराली जलाने वाले कृषकों को तीन साल तक डी0बी0टी0 के तहत मिलने वाली सुविधा को समाप्त करने का प्रावधान है। इस पर कड़ा रूख अख्तियार करते हुए सचिव महोदय ने पराली जलाने वाले सभी कृषकों पर कार्रवाई करने का निदेश दिया। अंत में सचिव महोदय ने सभी को टीम कृषि के रूप में कार्य करने को कहा। कृषि विभाग के लिए निर्मित भवनों में सिर्फ कृषि कार्य को करने हेतु व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया। बैठक में उप विकास आयुक्त बक्सर, संयुक्त निदेशक (शस्य) पटना प्रमंडल पटना उमेश प्रसाद मंडल, जिला कृषि पदाधिकारी अन्य संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी, कृषि समन्वयक, कृषि सलाहकार एवं अन्य संबंधित कर्मीगण उपस्थित थे।