बक्सर: 5 जून माननीय बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (पटना) के निर्देशानुसार, आज ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), बक्सर द्वारा व्यवहार न्यायालय स्थित ‘न्याय वाटिका’ में आयोजित मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत की गई l जिसमें न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ता संघ द्वारा सामूहिक रूप से पौधारोपण का कार्य किया गया। कार्यक्रम में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम श्री उदय प्रताप सिंह, कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश श्री मनोज कुमार प्रथम, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री मनीष कुमार शुक्ला, श्री मानस कुमार वत्सल, श्री सुनील कुमार द्वितीय और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) श्री देवेश कुमार शामिल हुए। इनके साथ ही अवर न्यायाधीश श्री भोला सिंह व श्री महेश्वर नाथ पांडे, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री बबन ओझा और सचिव श्री बिंदेश्वरी प्रसाद पांडे सहित बक्सर न्याय मंडल में कार्यरत अन्य न्यायाधीशों द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस मौके पर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर द्वारा जिले के 100 साल से भी अधिक पुराने 5 ऐतिहासिक पेड़ों को गोद लेकर उनके संरक्षण का कार्य शुरू किया गया हैं। इनमें से तीन वट वृक्ष, सोंधिला गांव में और दो पीपल का वृक्ष मंगोलपुर (हकीमपुर पंचायत) इटाढि प्रखंड, में अवस्थित हैं। इस ऐतिहासिक पहल के दौरान डीएलएसए (DSLA) सचिव श्रीमती नेहा दयाल, पीएलवी शत्रुघ्न सिन्हा, विवेक कुमार द्वारा इन सभी स्थानों पर उपस्थित ग्रामवासी और गणमान्य लोगों को इन वृक्षों से होने वाली प्राकृतिक लाभ के बारे में बताया गया।
स्वच्छ प्रकृति ही मानव जीवन का आधार: सचिव
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव (अवर न्यायाधीश) श्रीमती नेहा दयाल ने उपस्थित लोगों को पर्यावरण से जुड़े कानूनों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (Solid Waste Management), महत्वपूर्ण न्यायिक घोषणाओं और सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। सचिव श्रीमती नेहा दयाल ने पर्यावरण दिवस के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा:
“स्वच्छ और स्वस्थ प्रकृति ही मानव जीवन का असली आधार है। प्रकृति के अंधाधुंध दोहन का सीधा असर हमारे जनजीवन पर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा साल 1972 में स्टॉकहोम सम्मेलन के दौरान 5 जून को यह दिवस मनाने का प्रस्ताव पारित किया गया था, जिसके बाद 1973 में ‘केवल एक पृथ्वी’ की थीम के साथ पहला पर्यावरण दिवस मनाया गया। आज स्वच्छता अभियान, वृक्षारोपण और ऊर्जा संरक्षण को अपनाकर ही हम आने वाली पीढ़ी को एक सुरक्षित भविष्य दे सकते हैं। इस विशेष अभियान और वृक्षारोपण कार्यक्रम में व्यवहार न्यायालय के न्यायाधीशों के अलावा विधिक सहायता प्रतिरक्षा परामर्श प्रणाली (LADCS) के चीफ विनय कुमार सिन्हा, डिप्टी चीफ कुमार मानवेंद्र, संजय कुमार चौबे तथा सहायक काजल कुमारी, अभिनव वशिष्ठ, आकाश कुमार श्रीवास्तव एवं विकास यादव उपस्थित रहे। इस मौके पर पैनल अधिवक्ता दीपिका कुमारी केशरी, अखिलेश्वर दुबे, रामानंद मिश्रा, जितेंद्र कुमार सिन्हा, कंचन कुमारी, चंद्र विजय सिंह, चंद्रकला वर्मा और विधिक स्वयंसेवक (PLV) प्रेम प्रकाश पाठक, कविंद्र पाठक, नीतू कुमारी, रुकैया, दीपक कुमार, ब्रजेश कुमार एवं अंजुम कुमार रावत ने भी न्याय वाटिका में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
