
सर्दी का मौसम आते हैं लोगों को लगता है कि अब हरे-भरे सब्जियों का भी मौसम आ गया है फूल गोभी मटर गाजर टमाटर पालक धनिया जैसी हरी सब्जियां बाजार में देखने मे आने वाली है लेकिन लोगों का कहना है कि इस बार लग रहा है कि प्याज 60 से ₹70 किलो बिक रहा है वही आलू 30 से 40 के बीच बिक रहा है लोगों का कहना है कि आम दिनों में आम लोगों के लिए जो प्याज आलू सबसे सस्ता कहा जाता था वह आज सबसे महंगा बिक रहा है लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि वह क्या करें आलू के बिना रसोई का जायका नहीं आएगा वही प्याज के बिना किसी भी सब्जी में स्वादिष्ट स्वाद नहीं आएगा लोग परेशान हो गए हैं महंगाई से लोग त्रस्त है अरहर दाल 80 से 85 रुपए बिकरहा था वह अरहर दाल 120 ₹125 बिक रहा है जो सरसों तेल ₹100 बिक रहा था आज 130 से ₹35 केजी बिक रहा है लोग महंगाई से मार से त्रस्त हैं लोगों का कहना है कि सरकार चाहे किसी की भी आए महंगाई से आम जनता को निजात दिलाने की कोई बात नहीं कहता है बड़े-बड़े मंच लाखों रुपए के बनाकर भीड़ इकट्ठा कर कर झूठे सच्चे वादे कर लोगों से वोट लिया जा रहा है पर महंगाई पर कोई नहीं कह रहा है की ₹100 बिकने वाला सरसों तेल 135 का क्यों बिक रहा है ₹10 केजी आलू बिकने वाला ₹40 क्यों बिक रहा है हम लोगों का कहना है कि बड़े बड़े वादे दिखाकर हेलीकॉप्टर से नेताजी आते हैं और जनता को बगलाते हैं अपने अपने वादे बताते हैं यह कोई नहीं कहता है कि इस महंगाई से निजात कब दिलाएंगे जो टमाटर इस सीजन में 10 से 20 रुपए केजी बिकता है वह आजकल 50 से ₹60 केजी बिक रहा है महंगाई अपनी चरम सीमा पार कर चुकी है जनता त्रस्त है और नेताजी अपनी चुनावी घोषणाओं में मस्त हैं कोई नेता जी अपनी सभाओं में नौकरियां बांट रहे हैं और कोई नेता जी अपनी सभाओं में रोजगार बांट रहे हैं पर जमीन पर जो है महंगाई उस पर कोई नहीं बोल रहा है।