जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी बक्सर , डॉ विद्यानंद सिंह की अध्यक्षता में बिहार विधान सभा आम निर्वाचन 2025 के मद्देनजर मतदान प्रक्रिया में मीडिया कर्मी एवं प्रिंटिंग प्रेस से संबंधित कार्य एवं दायित्व का प्रथम प्रशिक्षण कार्यक्रम समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में की गई।
सर्वप्रथम जिला निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया जारी रहने की अवधि में जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक के द्वारा कम से कम पांच बार संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस कराने हेतु अवगत कराया गया जो निम्नवत हैं:-
1. अधिसूचना की तिथि
2. अभ्यर्थीता वापस लेने की अंतिम तिथि
3. चुनाव प्रचार की अवधि समाप्त होने पर
4. मतदान की समाप्ति पर
5. निर्वाचन प्रक्रिया की समाप्ति पर
*एग्जिट पोल:-*
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में सेशोधन करते हुए धारा 126 के बाद धारा 126ए अंतर्विष्ट की गयी है, जिसके अनुसार एक्जिट पोल के परिणाम को प्रसारित/प्रकाशित करने पर प्रतिबंधन लगाये गये हैं।
इसके अनुसार भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित की गयी अवधि में कोई एक्जिट पोल आयोजित नहीं किया जायेगा तथा उसके निष्कर्षों का किसी भी रूप में प्रसारण/प्रकाशन नहीं करेगा।
आम निर्वाचन मामले में मतदान प्रारम्भ होने के समय से लेकर सम्पूर्ण राज्य में मतदान समाप्त होने के आधे घंटे बाद तक इस प्रकार के परिणाम का प्रसारण/प्रकाशन नहीं किया जायेगा।
कोई भी व्यक्ति जोइस प्रावधान का उल्लंघन करेगा, उसे दो वर्ष तक के कारावास की सजा अथवा जुर्माना और दोनों हो सकते हैं। इस नियम के अंतर्गत (क) एक्जिट पोल से तात्पर्य है कि निर्वाचकों का इस संबंध मे मत प्राप्त करना कि उन्होंने किस प्रकार मतदान किया अथवा अन्य लोगों ने किसी द्वारा राजनैतिक दल या उसके प्रत्याशी को निर्वाचकों द्वारा किस प्रकार मत मिले, (ख) इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इंटरनेट रेडियो तथा टेलीविजन, सेटेलाईट, केवल चैनल, मोबाईल तथा ऐसे ही अन्य सरकारी अथवा गैर सरकारी माध्यम शामिल है। प्रिंट मीडिया में अखबार, पत्र-पत्रिकायें, पोस्टर, प्लेकार्ड, हैडबिल्स तथा अन्य मुद्रित सामग्रियों शामिल है।
*मीडिया सेंटर:-*
मीडिया सेन्टर में आधारभूत सुविधा जैसे आई०एस०डी०/एस०टी०डी सुविधा युक्त टेलिफोन, फैक्स मशीन आवश्यक फर्नीचर इत्यादि उपलब्ध कराये जाने चाहिए। राज्य सरकार इसके लिए स्वतंत्र है कि वह इनका उपयोग निर्धारित शुल्क लेकर करने दें।
मीडिया सेन्टर जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी के स्तर के पदाधिकारियों के प्रभार में होने चाहिए, जिनके दूरभाष नम्बर परिचालित करा देने चाहिए। ये केन्द्र निर्वाचन के अधिसूचना प्रकाशित किये जाने की तिथि से कार्यरत हो जायेंगे तथा कार्यालय अवधि में खुले रहेंगे। चुनाव प्रचार की अवधि समाप्त होने के पश्चात् ये केन्द्र निर्वाचन प्रक्रिया समाप्त होने तक 24 घटे खुले रहेंगे।
इन मीडिया केन्द्रों पर पूर्व के निर्वाचनों के आकड़े उपलब्ध कराये जायेंगे ताकि मीडिया कर्मियों द्वारा आवश्यकता पड़नेपर उनका निदेश किया जा सके।
जिला स्तर पर उप समाहर्त्ता स्तर का एक पदाधिकारी जिला मीडिया सेन्टर की व्यवस्था के लिए विशेष रूप से जिम्मेदार बनाया जायेगा।
*मतगणना:-*
निर्वाची पदाधिकारी द्वारा मतगणना के प्रत्येक चक्र के उपरांत चक्रवार परिणाम की घोषणा की जायेगी। समय-समय पर मीडिया कर्मियों के छोटे छोटे सुव्यवस्थित समुहों को मतगणना परिसर के भीतर एक प्राधिकृत पदाधिकारी की देख-रेख में भ्रमण कराया जायेगा। मतगणना के रुझानों की सूचना देने के बारे में आयोग के वर्तमान निदेश लागू रहेगें।
विस्तृत परिणाम की घोषणा निर्वाची पदाधिकारी द्वारा विहित प्रपत्र में की जायेगी तथा उसकी प्रति प्रसार भारती एवं प्रेस इन्फार्मेसन ब्यूरो के प्रतिनिधियों को भी दी जा सकती है।
प्राधिकार पत्र के धारक मतगणना के दौरान मतगणना कक्ष के बाहर आ सकते है तथा वापस कदा में जा सकते हैं, परन्तु यह सुनिश्चित कर लिया जाना होगा कि इस आवाजाही से किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो।
उपर्युक्त व्यवस्थायें निजी इलेक्ट्रॉनिक संचार माध्यमों के प्रतिनिधियों के लिए भी हूबहू लागू होगी।