रामनवमी के पहले खुले में मांस बिक्री पर सरकार का एक बार फिर से सख्त रुख, राजकुमार चौबे बोले— स्थायी प्रतिबंध से ही समाज में सौहार्द और शुचिता संभव
बक्सर : हाल ही में विजय कुमार सिन्हा द्वारा खुले में मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने संबंधी दिए गए बयान के बाद विश्वामित्र सेना ने इसे अपनी लंबे समय से उठाई जा रही मांग की दिशा में सकारात्मक कदम बताया है। संगठन का कहना है कि यह स्पष्ट संकेत है कि जनभावनाओं और सामाजिक सौहार्द से जुड़े मुद्दों को अब गंभीरता से सुना जा रहा है
विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक श्री राजकुमार चौबे ने वर्षों से विभिन्न मंचों के माध्यम से खुले में मांस बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठाई है। रामनवमी के पूर्व पर बक्सर में कई स्थानों पर मांस बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए जाने और खुले में मांस की बिक्री बंद कराए जाने को संगठन अपनी निरंतर पहल का परिणाम मानता है।* हालांकि उस समय भी श्री चौबे ने स्पष्ट कहा था कि यह निर्णय केवल सीमित अवधि के लिए नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और स्थायी नीति के रूप में लागू होना चाहिए
श्री राजकुमार चौबे ने अपने ताजा बयान में कहा कि यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक मर्यादा, सार्वजनिक स्वच्छता और सांस्कृतिक संवेदनशीलता से जुड़ा मुद्दा है। खुले में मांस की बिक्री पर स्थायी प्रतिबंध लगना चाहिए, ताकि समाज में सौहार्द और शुचिता बनी रहे
उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि विश्वामित्र सेना समय-समय पर सरकार को इस विषय में चेतावनी देती रही है कि यदि शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेगा। अब जब सरकार की ओर से इस विषय पर सकारात्मक संकेत आए हैं, तो संगठन अपेक्षा करता है कि शीघ्र ही स्पष्ट नीति बनाकर इसे प्रभावी रूप से लागू किया जाएगा।