
पंचकोशी परिक्रमा यात्रा के समापन समारोह में सम्मिलित हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे
भगवान श्री राम द्वारा बाल्यकाल में स्थापित प्रथम रामेश्वरमनाथ मंदिर को राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दिलाई जाएगी पहचान: अश्विनी चौबे
साधु-संतों, तीर्थयात्रियों सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक कार्यकर्ताओं एवं लोगों को इस मौके पर लिया बक्सर को फिर से भगवान श्री राम के आदर्शों के अनुकूल राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फिर से स्थापित करने का संकल्प।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि श्री राम जन्मभूमि के तर्ज पर श्री राम कर्मभूमि सिद्धाश्रम चेतना न्यास की परिकल्पना तैयार की जा रही है। इसका उद्देश्य भगवान श्री राम की कर्मभूमि बक्सर को उनके आदर्शों के अनुकूल अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर तीर्थाटन के रूप में एक अलग पहचान दिलाना है। साथ ही भगवान श्री राम द्वारा बाल्यकाल में स्थापित देश के प्रथम रामेश्वरम नाथ मंदिर को भी एक अलग पहचान दिलाने का कार्य किया जाएगा। इन सभी की रूपरेखा तैयार की जा रही है। यथाशीघ्र परिकल्पना को धरातल पर उतारने का कार्य जारी कर दिया जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी चौबे बुधवार को पंचकोशी परिक्रमा यात्रा के समापन समारोह में साधु-संतों, तीर्थ यात्रियों, सामाजिक आर्थिक राजनीतिक अध्यात्मिक लोगों के साथ-साथ बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री चौबे ने इस मौके पर सभी को एक साथ मिलकर सतत सहयोग से बक्सर की पुण्य भूमि को फिर से एक अध्यात्मिक तीर्थाटन केंद्र के रूप में उभारने का संकल्प दिलाया।
उन्होंने कहा कि इसकी परिकल्पना पर कार्य शुरू कर दिया गया है। विशेषज्ञों से विचार-विमर्श किया जा रहा है। 2 साल के अंदर जो परिकल्पना तैयार की जा रही है उसमें से बहुत कुछ बक्सर में देखने को मिलने लगेगा। वाराणसी से बक्सर तक गंगा में क्रूज़ के माध्यम से तीर्थ यात्रियों का तीर्थाटन का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए गंगा किनारे लेजर शो की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों के साथ बोट से गंगा घाट का भी भ्रमण किया। अधिकारियों को कई दिशा निर्देश भी दिए। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री चौबे ने कहा कि बक्सर को एक आदर्श के रूप में स्थापित करने का प्रयास होगा। जिसमें सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही पंचकोशी यात्रा में पड़ने वाले गांव को इको विलेज में तब्दील किया जाएगा। गौ पालन के लिए कपिला ग्राम की भी योजना है। इसके माध्यम से पर्यावरण आदि का संदेश भी दिया जाएगा। अपने प्राचीन ग्रामीण रोजगार के अवसरो को उभार कर आत्मनिर्भर गाँव की भी परिकल्पना तैयार की जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री चौबे ने जिले के आला अधिकारियों के साथ जिला अतिथि गृह में बैठक कर विकास की अन्य योजनाओं पर चर्चा की।