
बक्सर: गुरु ही ईश्वर हैं। कलि युग में भगवान विष्णु और गुरु दोनो मोक्ष प्रदान करने वाले हैं ।गुरु के आशीर्वाद से जिंदगी को प्रकाश्यमान किया जा सकता है।गुरु के चरणों की भक्ति ही मानव जीवन के लिए कल्याणकारी होता है ।यह बात सोमवार को गुरुपूर्णिमा के अवसर पर बसांव मठ पीठाधीश्वर परमपूज्य श्री श्री 1008 श्री स्वामी अच्युत प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने भक्तों के बीच अपने अमृतवाणी के दौरान कही।श्री महाराज जी ने कहा की सनातन धर्म में गुरु की अपार महिमा का वर्णन है।माता पिता को भी गुरु की दर्जा दी गई है।इसीलिए प्रातः काल में गुरु ,और माता पिता के चरणों का दर्शन करना चाहिए। परमपूज्य श्री प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने भक्तों को संबोधित करते हुए कहा की प्रत्येक मानव को अपने गुरु के आचरण के अनुकूल ही जीवन यापन करना चाहिए।सोमवार को गुरुपूर्णिमा के अवसर पर सुबह बसांव मठिया बक्सर राम जानकी मंदिर में भगवान के आरती पूजन के बाद मठ के पीठाधीश्वर श्री प्रपन्नाचार्य जी महाराज की आरती पूजन हुई ,इसके बाद भक्तो के दर्शन का शिलशिला शुरू हुआ । इस क्रम में लंबी कतार लगाकर हजारों भक्तों ने दर्शन किया और गुरुदेव के चरणों में अंगवत्र और फल पुष्प अर्पित किया ।इस अवसर पर विशाल भंडारा का भी आयोजन किया गया,साथ ही प्रसाद वितरण किया गया और जरूरतमंद लोगों के बीच अंगवस्त्र भी वितरण किया गया। इस अवसर वरिष्ठ अधिवक्ता सूबेदार पांडेय,श्री निवास मुकुंद रामानुज संस्कृत महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ उमा शंकर पांडेय,शिव प्रसाद संस्कृत डिग्री महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ क्षीतिश्वर पांडेय , कथा वाचक डॉक्टर राम नाथ ओझा,वरिष्ठ अधिवक्ता सरोज उपाध्याय, बक्सर बार कौंसिल के अध्यक्ष बबन ओझा,सहित काफी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे।