
जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक जिला पदाधिकारी, बक्सर की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में तीन बजे अपराह्न से आहूत की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि कोविड-19 के संक्रमण का प्रभाव अभी समाप्त नहीं हुआ है। महापर्व छठ के अवसर पर भारी संख्या में छठव्रर्ती, उनके परिजन, श्रद्वालूगण छठ मनाने हेतु नदी एवं तालाब के घाटों पर पहुॅचते है। संक्रमण के दुष्प्रभाव को देखते हुए छठ वर्तियों से घरों में ही छठ पर्व मनाने की सलाह उनके सुरक्षित रहने को ही लेकर दी जा रही है। ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में श्रद्वालुओं के बीच सोशल डिस्टेशिंग का अनुपालन करना आवश्यक होगा। घाटों पर कोविड-19 के संक्रमण से बचाव हेतु आवश्यक उपायों की जानकारी को फ्लैक्स के जरिए प्रदर्शित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती निकाय एवं नगर परिषद् क्षेत्र में कार्यपालक पदाधिकारी के द्वारा सेनिटाइजेशन का कार्य करवाया जाएगा। छठ घाटों पर थूकना, आतिशबाजी करना एवं छठ घाट के आस-पास खाद्य पदार्थो के स्टॉल को लगाना पूणतः वर्जित कर दिया गया है। कोई भी सामुदायिक भोज /प्रसाद या भोग का वितरण नहीं किया जाएगा। छठ पूजा के अवसर पर 60 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्ति एवं 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों, बुखार से ग्रसित एवं अन्य गम्भीर बीमारियों से ग्रस्त व्यक्ति को छठ घाट पर नहीं जाने की सलाह दी गई। घाट पर मास्क का प्रयोग अनिवार्य होगा छठ पर्व के अवसर पर किसी प्रकार का मेला/जागरण /सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जाएगा। छठ पूजा के आयोजकों को भी पर्याप्त संख्या में सेनिटाइजर की व्यव्स्था रखने की सलाह दी गई है। जिला शांति समिति के सदस्यगणों ने भी प्रशासन को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। सबों ने व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता को देखते हुए विभिन्न माघ्यमों से घर-घर तक सुरक्षित छठ घरों में मनाने की बात पहॅूचाने की जरूरत पर बल दिया। बैठक में अपर समाहर्त्ता, बक्सर श्री प्रीतेश्वर प्रसाद, नगर परिषद् अध्यक्ष, अनुमंडल पदाधिकारी बक्सर एवं डुमरॉव, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बक्सर/डुमरॉव, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय, जिला स्तरीय पदाधिकारीगण, वीडियो कॉफ्रेसिंग से जुड़ सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, थानाप्रभारी एवं जिला शांति समिति के सम्मानित सदस्यगण उपस्थित थे।