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दिल्ली आवास से ऑनलाइन माध्यम से बक्सर संसदीय क्षेत्र के लिए चिकित्सा चिकित्सा द्वारा अंतर्गत विश्वामित्र ई चालान चिकित्सालय का किया शुभारंभ

केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने बक्सर संसदीय क्षेत्र के लिए दिल्ली आवास से विश्वामित्र ई चलंत चिकित्सालय का शुभारंभ किया। ईको फ्रेंडली कार्बन उत्सर्जन रहित शत प्रतिशत ग्रीन परियोजना ई -एम एच सी के रूप में प्रारंभ किया है। जो सौर ऊर्जा से संचालित होगा।
केंद्रीय मंत्री श्री चौबे ने बताया कि दिसंबर में विश्वामित्र ई चलंत चिकित्सालय के प्रूफ आफ कांसेप्ट का शुभारंभ बक्सर संसदीय क्षेत्र के लिए किया गया था। पिछले 2 महीनों में व्यापक स्तर पर विभिन्न पंचायतों में टेलीमेडिसिन के माध्यम से सैकड़ों लोगों का इलाज ई – एम एच सी द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अब बक्सर लोकसभा के सभी 17 प्रखंडों के लिए पायलट परियोजना के उद्देश से सी एस आर के माध्यम से चौबे ने कार्य करने की योजना बनाई है जिसमे प्रत्येक प्रखंड पर 2-2 ई -एम एच सी कार्यरत रहकर कुल 208 पंचायतों के जनमानस का इलाज करेगा।
श्री चौबे ने बताया की मुख्य रूप से इस ई वाहन को आई कैट संस्थान से ई कार्ट श्रेणी में तकनीकी प्रमाण पत्र लेने के उपरांत मोडीफाई करके मेडिकल यूनिट और एंबुलेंस का रूप दिया गया गया है। वहां में अंदर केबिन में मरीज के अलावा 2 परिजन और आगे ड्राइवर के साथ एक परिजन, कुल 5 लोग यात्रा कर सकते हैं। वाहन कुल 700 किलो का वजन लेकर प्रतिदिन 100 किलोमीटर तक यात्रा कर सकता है। इस वाहन में सोलर तकनीक का उपयोग कर सीधे लिथियम बैटरी को चार्ज किया जा रहा है जिसके कारण सौर ऊर्जा का उपयोग कर सामान्य ऊर्जा के श्रोतों को बचाया जा रहा है। चार्जिंग कास्ट 1 रुपया से कम है और 2 घंटे में बैटरी पूर्ण चार्ज हो जाता है। प्रति किलोमीटर संचालन राशि मात्र 25 पैसा है। इस वाहन को रोगी वाहन के रूप में भी प्रयोग किया जा सकता है जिसके माध्यम से प्राथमिक उपचार हेतु रोगियों को नजदीकी प्राथमिक, अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ केंद्र, हेल्थ एंड वेलनेस केंद्र, सादर अस्पताल समय से पहुंचकर जान बचाया जा सकता है। यही नहीं इस वाहन में फोल्डेबल आधुनिक स्ट्रेचर बेड लगा है जो एक व्यक्ति आपरेट कर सकता है। वाहन में फर्स्ट एड बाक्स, बीपी मॉनिटर, पल्स ऑक्सीमिटर, ग्लूकोमीटर, आक्सीजन सिलिंडर, सलाइन आदि आवश्यक जेनेरिक दवा भी उपलब्ध रहेगा। इस वाहन में मोबाइल के माध्यम से दुरस्त चिकित्सा उपलब्ध है जिसमे डाक्टरों द्वारा रोगियों को टेलीमेडिसिन से देख कर इलाज किया जाएगा। इस वाहन का चालक टेक्नीशियन होगा जिसे रोगी के उपचार हेतु सारा सहयोग की ट्रेनिंग दी गई है। वाहन जी पी एस द्वारा लैस है जिसे आपात स्थिति में बैटरी और मोटर को कहीं से भी बंद किया जा सकता है। वाहन में हूटर लाइट और माइक भी उपलब्ध है जिससे ध्वनि विस्तार कर गांव गांव के लोगों में स्वास्थ्य प्रचार एवं चिकित्सा प्रदान किया जाएगा। श्री चौबे ने बताया कि चिकित्सा चिकित्सक आपके द्वार के मूल मंत्र को साकार करने हेतु उक्त वाहन के संचालन से निरोग समाज के कल्पना की जा सकती है । यह वाहन टीबी जांच, कैंसर जांच, मातृ शिशु मृत्यु दर, कुपोषण, आदि कई जानलेवा बीमारियों के लिए मिल का पत्थर साबित होगा साथ ही इंस्टीट्यूशनल डिलीवरी को भी बढ़ावा देगा। उक्त परियोजना का संचालन भारत सरकार स्वास्थ्य मंत्रालय के उपक्रम एच एल एल मैनेजमेंट अकेडमी द्वारा किया जा रहा है और कई कंपनियां सी एस आर के माध्यम से संचालन में अपना योगदान देंगे। सफल पायलट के बाद सभी 208 पंचायतों तक अलग अलग वाहन पहुंचा कर प्राथमिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की योजना है। डॉ शिव डॉक्टर शिव परिणीता प्रीति और चंद्रशेखर HLL की तरफ से मुख्य रूप से उपस्थित रहे

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