बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, पटना के निर्देशानुसार आगामी 14 मार्च 2026 को विधिक सेवा सदन एवं व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन वर्चुअल और फिजिकल दोनों माध्यम से किया जाएगा। आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव -सह- अवर न्यायाधीश, नेहा दयाल ने सोमवार को तैयारियों की गहन समीक्षा की और पैनल अधिवक्ता, विधि स्वम सेवक के साथ समन्वय बैठक की। सचिव ने अपने प्रकोष्ठ में जिले के सभी पैनल अधिवक्ता, विधि स्वम सेवक के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य सुलह-समझौते के आधार पर बैंक ऋण, बिजली विभाग, माप तौल, आपराधिक मामलों आदि से संबंधित अधिकाधिक मामलों का निष्पादन सुनिश्चित करना रहा। नेहा दयाल ने बताया कि इस बार लगभग दो हजार मामलों के निपटारे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से अपील की कि वे लंबित ऋण वादों में पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से समाधान के लिए प्रेरित करें, ताकि समय और धन दोनों की बचत हो सके। राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों के तहत न्यायालय द्वारा चिन्हित सुलहनिए वादों की सूची तैयार कर ली गई है। सचिव ने निर्देश दिया कि संबंधित नोटिस मे वे सभी वादियों को न्यायालय में उपस्थित होकर वाद सुलझाने के लिए प्रेरित करेंगे, ताकि अधिक से अधिक मामले आपसी सहमति से समाप्त हो सकें। नेहा दयाल ने लोक अदालत की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यहां बिना किसी अदालती शुल्क और बिना वकील के आपसी सहमति से मुकदमों का अंतिम निपटारा किया जाता है। लोक अदालत के निर्णय को विधिक मान्यता प्राप्त होती है और यह अंतिम होता है। मौके पर विधिक जागरूकता का कार्य कर रहे हैं सभी प्रतिनिधियों से उन्होंने कहा कि वे सभी विशेष रूप से बैंकों में लंबित सर्टिफिकेट केस, एवं बिजली विभाग से जुड़े मामलों के पक्षकारों से अपील कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाकर अपने पुराने विवादों का स्थायी समाधान कराएं। बैठक में पैनल अधिवक्ता आरती राय, मोहम्मद जावेद अख्तर, राजेश कुमार, वही विधि स्वयं सेवक कविंद्र पाठक, बृजेश कुमार, रामजी यादव, विवेक कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।