वैकुण्ठ धाम भगवान विष्णु का स्थान है ,यह वही धाम है जहां मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है।सनातन धर्म में वैकुण्ठ यात्रा का खास महत्व है ।भगवान श्रीमन्नारायण के चरणों में स्थान प्राप्त करने के लिए यह यात्रा काफी सरल है ।यह बात बसाँव मठ के मठाधीश्वर महान संत श्री श्री 1008 श्री अच्च्युत्प्रपन्नाचार्य जी महाराज न शुक्रवार को परमपद धर्मात्मा जनार्दन दास के वैकुण्ठ यात्रा के दौरान वसांव मठिया पर आयोजित आयोजन में भक्तो के बीच कही।महाराज जी कहा कि परमपद धर्मात्मा श्री दास बसाँव मठ के तीन गद्दी से व्यवस्थापक के रूप में निष्ठा पूर्वक सेवा करते रहे ।इन्होंने वैष्णव सम्प्रदाय के प्रचार प्रसार में सतत प्रयत्नशील बने रहे ।इस वैष्णव यात्रा के सैकड़ो लोग शामिल हुए ।इस अवसर पर सामूहिक भोज का भी आयोजन किया गया ।जानकारी देते हुए स्वामी जी महाराज ने बताया कि वैकुण्ठ यात्रा में मुख्य रूप से घरवासडीह के स्वामी जगतगुरु नारायणाचार्य जी महाराज,खटला पीठाधीश्वर जगतगुरु रामेश्वरचार्य जी महाराज,बक्सर के स्वामी जगतगुरु राजगोपालाचार्य जी महाराज ,श्री पति पीठ लक्षमीनारायण मंदिर बक्सर,श्री निवास मंदिर बक्सर के स्वामी जी ,रेवतीपुर सनातन धर्म मंदिर के स्वामी दामोदरा चार्य जी महाराज,अहिरौली पीठ के स्वामी मधुसूधना चार्य जी महाराज,राम चबूतरा मंदिर के स्वामी कमल नयनाचार्य जी महाराज,बड़ी मठिया बक्सर के स्वामी चंद्रमा दास जी महाराज,छोटी मठिया बक्सर के स्वामी अनुराग दास जी महाराज,करपी गया के स्वामी जी ,पकड़ी के स्वामी ,सागराव के स्वामी ,नसेज मठ के स्वामी जी,महाराज के साथ साथ हज़ारों की संख्या में भक्त उपस्थित थे ।महाविद्यालय प्रांगण में लगेगा जनार्दन दास जी की प्रतिमा शुक्रवार को आयोजित वैकुण्ठोत्सव यात्रा के अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों के साथ स्थानीय विधायक विश्वनाथ राम एवम स्वामी प्रपन्नाचार्य जी महाराज की उपस्थिति में परमपद प्राप्त स्वमी जनार्दन दास जी प्रतिमा के लिए शिला पूजन किया गया । इस अवसर पर बसाँव मठिया के पीठाधीश्वर श्री अच्च्युत्प्रपन्नाचार्य जी महाराज ने बताया कि जल्द ही जनार्दन दास जी के प्रतिमा को लगा दिया जाएगा ।