*सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण सह उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण) बक्सर से प्राप्त सुचनानुसार जिले के विभिन्न प्रखंडों से कृषि यांत्रीकरण के तहत अलग-अलग कृषि यंत्रों के लिए लगभग 2500 किसानों ने आवेदन किया है। जिसमें अब तक 439 यंत्र का उठाव हो चुका है। कृषकों के बीच ज्यादा प्रचार प्रसार कर लक्ष्य के अनुरूप आवेदन की मांग की गई है।*
*विशेष कर (विद्युत चालित 3HP), मिनी दाल/ऑयल मिल, मिनी राइस मिल (500 किलो/घंटा) ट्रैक्टर चालित, राइस मिल कम पल्वेराइजर, पावर टिलर, पावर वीडर, मेटल स्टोरेज बिन (5 क्विंटल), हैंड क्रैक्ड इंप्रूव्ड चक्की मशीन, हैंड टूल ओकरा हार्वेस्टिंग यंत्र, सब स्वायलर, रीजर/ट्रेंचर, रेज्ड बेड प्लांटर, गटोर आदि यंत्रों का लक्ष्य के अनुसार कम आवेदन प्राप्त हैं। अत्यंत पिछड़ा वर्ग अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग से किसानों के कम आवेदन होने के कारण किसानों को विभाग जागरूक भी कर रहा है। उल्लेखनीय है कि इन वर्गों में अनुदान की राशि ज्यादा है।*
*लघु एवं सीमांत कृषक हेतु 80 प्रतिशत अनुदान पर मैनुअल कीट (खुरपी, हसिया, कुदाल, मेज शेलर एवं वीडर) देने का प्रावधान है। कृषक फसल अवशेष प्रबंधन से संबंधित यंत्र सुपर सीडर, हैप्पी सीडर, स्ट्रा रीपर, रोटरी स्लेशर, पौड़ी स्ट्रा चापर, स्क्वायर बेलर (वर्किंग विथ 130 CM से कम), स्ट्रा बेलर, SMS, रीपर कम बाइंडर आदि यंत्रों पर 75 से 80 प्रतिशत तक के अनुदान का सकते हैं।*
*विभिन्न उन्नत कृषि यंत्रों को किराया पर उपलब्ध कराने हेतु 10 लाख लागत के कस्टम हायरिंग सेंटर (इंडिविजुअल कृषक के लिए) एवं फार्म मशनरी बैंक (समूह के लिए) की स्थापना की जानी है। इसके अंतर्गत कृषक/समूह ट्रैक्टर के साथ जुताई, बुआई/रोपनी, हार्वेस्टिंग एवं थ्रेसिंग क्रियाओ में से कम से कम एक-एक यंत्र लेना अनिवार्य है।*
*कृषक ऑनलाइन आवेदन हेतु Ofmas Portal के वेबसाइट www.farmech.bih.nic.in पर कर सकते हैं। किसान का पंजीकरण संख्या होना अनिवार्य है।