हथियाराम मठ, उजियार घाट (बलिया, उत्तर प्रदेश) में आगामी 2 मई 2026 से प्रारंभ होने जा रहे भव्य एवं दिव्य नौ दिवसीय नौ कुण्डीय हरि हरात्मक महायज्ञ एवं प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं। इस पावन आयोजन को लेकर पिछले काफ़ी दिनों से सतत रूप से स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकें आयोजित कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की जा रही है।
हजारों वर्षों से चली आ रही हथियाराम मठ की पावन परंपरा, जिसमें माँ गंगा द्वारा प्रदत्त पवित्र कटोरा इस स्थान की दिव्यता का प्रतीक है, आज भी उसी श्रद्धा और नियमपूर्वक निर्वाहित की जा रही है। वर्तमान में इस गौरवशाली परंपरा का संचालन अनंत विभूषित महामंडलेश्वर स्वामी आत्म प्रकाश यति जी महाराज के सान्निध्य में हो रहा है।
इससे पूर्व यह परंपरा महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी श्री विश्वनाथ यति जी एवं महामंडलेश्वर स्वामी 1008 श्री बालकृष्ण यति जी महाराज जैसे महान संतों द्वारा तप, साधना एवं लोककल्याण के भाव से निरंतर आगे बढ़ाई गई, जिनके आशीर्वाद से यह धाम आज सैकड़ों गांवों की आस्था का केंद्र बना हुआ है।
इस महायज्ञ के मुख्य यज्ञाचार्य पं. मथुरा प्रसाद जी (वाराणसी) होंगे, जो यज्ञ विधा के प्रकांड विद्वान माने जाते हैं। आयोजन हेतु एक विशाल एवं भव्य यज्ञशाला का निर्माण गाजीपुर के कुशल कारीगरों द्वारा तीव्र गति से किया जा रहा है।
कार्यक्रम की प्रमुख तिथियां:
कलश यात्रा – 02 मई 2026
यज्ञ पूर्णाहुति – 10 मई 2026
विशाल भंडारा – 11 मई 2026
इस महायज्ञ के अंतर्गत अष्टादश भुजा माँ भवानी मंदिर एवं भगवान विष्णु एवं शिव मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा भी विधिवत संपन्न कराई जाएगी। अनुमान है कि इस भव्य आयोजन में लाखों श्रद्धालु सहभागिता करेंगे।
इसी क्रम में आयोजन समिति , जिसमें विभिन्न गांवों के मुखियाओं एवं प्रमुख समाजसेवियों द्वारा सभी व्यवस्थाओं का निरिक्षण किया गया। सभी सदस्यों ने पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ अपने उत्तरदायित्वों के निर्वहन का संकल्प लिया।
इस अवसर पर पूज्य स्वामी अनंत प्रकाश यति जी ने इस पुनीत कार्य की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह महायज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि समाज में एकता, सेवा और सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार का भी एक विराट माध्यम बनेगा।
