Tue. Apr 21st, 2026

माननीय पटना उच्च न्यायालय, पटना एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर आयोजित योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में यह बातें अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बक्सर संदीप कुमार सिंह ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग प्रशिक्षण के दौरान विधिक सेवा सदन में होने वाले योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में कहीं। मौके पर जितेंद्र कुमार पांडे, मुख्य प्रशिक्षक, आर्ट ऑफ लिविंग, बक्सर के द्वारा बक्सर में कार्यरत सभी न्यायिक पदाधिकारी, न्यायिक कर्मचारी, जिला प्राधिकार के कर्मचारी, पैनल अधिवक्ता एवं पारा विधिक स्वयंसेवक सभी को योग का प्रशिक्षण दिया गया। योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन व्यवहार न्यायालय, बक्सर परिसर स्थित विधिक सेवा सदन भवन में की गई। मौके पर विवेक राय, अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश सह जिला प्राधिकार बक्सर के सचिव ने उपस्थित लोगो को संबोधित करते हुए कहा की भारत को योग गुरु कहा जाता है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग लाभकारी है। योग का अभ्यास शरीर को रोगमुक्त रखता है और मन को शांति देता है। भारत में ऋषि मुनियों के दौर से योगाभ्यास होता आ रहा है। योग हमारे भारतीय संस्कृति से जुड़ा है, जिसका प्रसार अब विदेशों तक हो रहा है। विदेशों तक योग के प्रसार का श्रेय योग गुरुओं को जाता है। भारतीय योग गुरुओं ने विदेशी जमीन पर भी योग की उपयोगिता और महत्व के बारे में लोगो को जागरूक करने का कार्य किया है। आज दुनियाभर में योग को लोग अपने जीवन में शामिल कर रहे हैं और योगासनों के अभ्यास से स्वस्थ मन और तन की प्राप्ति का प्रयास कर रहे हैं। योग की इसी उपयोगिता से सभी को जागरूक करने के लिए प्रतिवर्ष अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर योग दिवस मनाया जाता है। योग दिवस को मनाने के लिए एक दिन सुनिश्चित किया गया, जो कि 21 जून है। 21 जून को योग दिवस के तौर पर मनाने की वजह भी है। इस तारीख को उत्तरी गोलार्द्ध का सबसे लंबा दिन होता है। जिसे ग्रीष्म संक्रांति कहते हैं। भारतीय परंपरा के अनुसार, ग्रीष्म संक्रांति के बाद सूर्य दक्षिणायन होता है। सूर्य दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियों को प्राप्त करने के लिए असरदार है। इस कारण प्रतिवर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाते हैं। इस अवसर पर उपस्थित व्यवहार न्यायालय, बक्सर के सिस्टम ऑफिसर विजय कुमार सिंह ने कहा की इस वर्ष योग दिवस 2023 की थीम ‘वसुधैव कुटुंबकम के लिए योग’ (Yoga for Vasudhaiva Kutumbakam) है। वसुधैव कुटुंबकम का अर्थ है- धरती ही परिवार है। इस थीम से तात्पर्य धरती पर सभी लोगों के स्वास्थ्य के लिए योग की उपयोगिता से है। वहीं डुमरांव अनुमंडल न्यायालय में भी अवर नयाधीश अखिलेश पांडेय, राकेश कुमार राकेश, रघुवीर प्रसाद द्वारा भी अंतराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमे आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक द्वारा उपस्थित सभी व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया गया। मौके पर विधिक सेवा सदन, बक्सर में आयोजित योग प्रशिक्षण कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारी, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार द्वितीय, बिजेंद्र कुमार धनखड़, दीपक भटनागर, मनकामेश्वर प्रसाद चौबे, प्रेम चंद्र वर्मा अवर न्यायाधीश संतोष कुमार, न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी प्रीति आनंद, नेहा त्रिपाठी, सुभम त्रिपाठी, प्रतीक मिश्रा एवं अन्य , कार्यालय कर्मचारी, सुधीर कुमार, दीपेश कुमार, सुमित कुमार, सुनील कुमार, मनोज कुमार, अकबर अली वहीं न्यायिक कर्मचारी, संजय कुमार, अरशद यूसुफ, अमरेंद्र भारती, कौसलेंद्र कुमार ओझा, अनिल कुमार, संदीप कुमार, आशीष कुमार, राजकुमार रजक, ओमप्रकाश आदि पैनल अधिवक्ता विष्णु कुमार द्विवेदी, चंद्रकला वर्मा, कुमार मानवेंद्र, राजेश कुमार, एवं अन्य, पारा विधिक स्वम सेवक, सोनू कुमार कानू, अंजुम कुमार रावत, नीतू कुमारी, रुकैया, प्रेम प्रकाश पाठक आदि मौजूद रहें।

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