सहायक निदेशक (कृषि अभियंत्रण) सह उप निदेशक (कृषि अभियंत्रण) बक्सर से प्राप्त सूचनानुसार सुदूर क्षेत्र जहाँ लघु सीमांत कृषकों की अधिकता है तथा प्रति हेक्टेयर कृषि उपलब्धता कम है, वैसे क्षेत्र में कृषि यंत्र बैंक की स्थापना कर उन्नत कृषि यंत्रों का पहुँच किसानों तक उपलब्ध कराना ताकि किसान उचित समय में शस्य क्रियाओं का निष्पादन कर उत्पाद/उत्पादकता में वृद्धि कर सकते है।*
*क्या है कृषि यंत्र बैंकः- इसकी स्थापना से कृषक या समूह किराये पर महँगे कृषि यंत्रों को आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को उपलब्ध करा सकते है। जिससे उस क्षेत्र में यांत्रिकरण का विकास होगा। महँगे एवं उन्नत यंत्र हेतु कृषकों को जिलें से बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। बैंक में सभी शस्य क्रियाओं से संबंधित यंत्र होने के वजह से कृषक पूरे साल भाडे पर यंत्र चला सकते है। इस प्रणाली से जुडकर किसान खेती में आधुनिक कृषि यंत्रों का प्रयोग कर आशतीत उत्पादन प्राप्त कर सकते है।*
*कृष यंत्र बैंक अंतर्गत 10 लाख लागत के यंत्रों के खरीद पर Individual/प्रगतिशील कृषक को 04 लाख अनुदान (CHC) तथा समूह/जीविका को 08 लाख अनुदान (FMB) देने का प्रावधान है। जिलें में CHC अंतर्गत GEN-04/SC-01 तथा FMB अंतर्गत 02 लक्ष्य प्राप्त है।*
*इसकी स्थापना हेतु कृषक को ट्रैक्टर के साथ-साथ जुताई, बुआई, रोपनी, हार्वेस्टिंग, कटाई एवं थ्रेसिंग से कम से कम एक एक यंत्र लेना अनिवार्य होगा।*
*इच्छुक जीविका के समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर फेडरेशन सीएलएफ, आत्मा से संबंद्ध फार्मर इंटरेस्ट ग्रुप (GIG), नाबार्ड/राष्ट्रीयकृत बैंक से संबंद्ध किसान क्लब, FARMER PRODUCER ORGANISATION (FPO), पैक्स, स्वयं सहायता समूह (SHG), उद्यमी (ENTREPRENEUR) एवं प्रगतिशील कृषक OFMAS के ऑनलाईन पोर्टल www.farmech.bih.nic.in पर दिनांक 20.09.2024 तक आवेदन कर सकते है।