
बक्सर: मृदा की उपजाऊ शक्ति को बरकरार रखने तथा रसायनिक खादों पर निर्भरता कम करने हेतु विभाग द्वारा जैविक उर्वरकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस क्रम में हरी खाद ढैंचा का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल करने हेतु प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। हरी खाद ढैंचा में नेत्रजन, फॉस्फोरस, पोटाश, गंधक, मैग्नीशियम, कैल्शियम, जस्ता, लोहा, तम्बा इत्यादि पोषक तत्व मौजूद है, जो मिट्टी के लिए संतुलित आहार है। जिला कृषि पदाधिकारी-सह-उप निदेशक(कृषि अभि.) भूमि संरक्षण श्री मनोज कुमार ने बताया कि प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना द्वारा संचालित जलछाजन विकास अंतर्गत जिले के चौंगाई प्रखंड के पंचायत चौंगाई, नचाप, मसर्हिया, खेवली, मुरार, ब्रम्हपुर प्रखंड के पंचायत एकरासी, डुमरॉंव प्रखंड के पंचायत मुॅंगाव, कोरानसराय, मठिला, अरियॉंव, इटाढ़ी प्रखंड के पंचायत उनवॉंस, इंदौर, बसॉंवकला, हरपुर जयपुर, बिक्रम ईंगलिश, बड़का गॉंव, नारायणपुर, एवं नावानगर प्रखंड के पंचायत बाबुगंज ईंगलिश में हरी खाद ढैंचा का वितरण किया जा रहा है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति कोटि के किसान को 90 प्रतिशत अनुदान एवं शेष किसान को 80 प्रतिशत अनुदान पर दिया जायेगा। विशेष जानकारी के लिए कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार एवं सचिव, जलछाजन विकास समिति संपर्क किया जा सकता है।