भगवान का इस धरा पर अवतार राक्षस वध एवं साधु का परित्राण मात्र नहीं है। कथावाचक: कृष्णानंद शास्त्री ने कहा
भगवान का इस धरा पर अवतार राक्षस वध एवं साधु का परित्राण मात्र नहीं है। यह सर्वाधिक आसान एवं लघु कार्य तो नारायण बैकुंठ में बैठे-बैठे अपने संकल्प मात्र से…