श्रीमद्भागवत महापुराण वह ग्रंथ है जो मानव मात्र का ही नहीं अपितु जीव मात्र का ग्रंथि।
ब्यास कृष्णानंद शास्त्री जी (पौराणिक जी )महाराज संघर्षों,द्वंद, एवं समस्याओं के साथ ही सुख-दुख, हानि -लाभ ,जीवन -मरण तथा अनुकूलता और प्रतिकूलता के विचित्र एवं अकथनीय अविरल प्रवाह में प्रवाहमान…