Fri. Apr 17th, 2026

सदर प्रखंड स्थित संयुक्त कृषि भवन, बक्सर के सभागार में दिन सोमवार को हार्वेस्टर मालिक की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कृषि पदाधिकारी श्री मनोज कुमार ने की। बैठक के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि मौसम विभाग के अनुसार जिले का तापमान सामान्य से अत्यधिक रहने की संभावना बताई गई है। इस परिस्थिति में पराली जलाने वाले सावधान रहे।पराली जलाने से पर्यावरण के साथ-साथ मिट्टी की सेहत लगातार खराब होती जा रही है। फसल अवशेष को जलाने से मिथेन, कार्बन डाई ऑक्साईड, कार्बन मोनो ऑक्साईड, पार्टिकुलेट मेटर जैसे हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है साथ ही भूमि को उर्वर बनाने वाले तत्व यथा नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, सल्फर नष्ट हो जाते हैं, जो खेती में विनाशकारी परिणाम ला सकते हैं। मानव जीवन की बात करें तो फसल अवशेष को जलाने से फेफडे की समस्या, सांस लेने में तकलीफ, कैंसर सहित इत्यादि जटिल बिमारियों होती है। जिला कृषि पदाधिकारी बक्सर ने हार्वेस्टर मालिकों से अपील की कि आप स्वयं ‘‘पराली न जायेंगे और न ही किसानों द्वारा पराली जलाने देंगे’’ का संकल्प लें तभी हम अपने आस-पास के पर्यावरण, मानव जीवन एवं मिट्टी को होने वाले नुकशान पर काबू पा सकते है। उन्होंने सभी हार्वेस्टर मालिक से कहा कि आप कृषि विभाग से पास बनवा लें। पास बनवाने हेतु आवेदन-पत्र, पराली नहीं जलाने का घोषणा-पत्र एवं दस्तावेज के रुप में हार्वेस्टर के पंजीकरण की छायाप्रति, एसएमएस(स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम) के विपत्र की छायाप्रति तथा फसल अवशेष प्रबंधन से सम्बंधित अन्य यंत्र के विपत्र की छायाप्रति सम्बंधित पंचायत के कृषि समन्वयक को उपलब्ध करा दें। आवेदन-पत्र उपलब्ध कराने के उपरांत एक सप्ताह के अंदर पास सम्बंधित हार्वेस्टर मालिक को उनके ही पंचायत में उपलब्ध करा दिया जायेगा। बिना पास के हावेस्टर संचालन करते पाये जाने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण(आत्मा),बक्सर द्वारा संचालित विशेष किसान चौपाल की चर्चा करते हुए कहा कि दिनांक 11 अप्रैल से 17 अप्रैल तक जिले के कुल 60 पंचायतों में फसल अवशेष प्रबंधन पर विशेष किसान चौपाल का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें एलईडी युक्त वाहन द्वारा वृत चित्र के माध्यम से किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है। हार्वेस्टर मालिक सम्बंधित पंचायत के प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक व कृषि समन्वयक से संपर्क स्थापित कर अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करें। सहायक निदेशक,कृषि अभियंत्रण प्रियंका कुमारी ने फसल अवशेष प्रबंधन से सम्बंधित यंत्रों पर चर्चा की स्ट्रारीपर के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कम्बाईन हार्वेस्टर से फसल कटाई के उपरांत खेत में बचे खड़े फसल अवशेष को काटकर भूसा बनाता है। इसी प्रकार सेल्फ प्रापेल्ड रीपर व ट्रैक्टर चालित रीपर के कार्य प्रणाली पर जानकारी दी गई। बैठक में बीएओ अरुण कुमार, अमीरचंन्द्र राम, अभय कुमार सहित जिले के हार्वेस्टर मालिक उपस्थित थे।*प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत ईकेवाईसी को अनिवार्य कर दिया गया है। जिले में अभी तक 58 प्रतिशत किसानों द्वारा ईकेवाईसी नहीं कराया है। ई केवाईसी नहीं कराने वाले किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की राशि नहीं भेजी जायेगी। जिला कृषि पदाधिकारी श्री मनोज कुमार ने बताया कि सभी सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) पर ईकेवाईसी प्रारंभ है। इच्छुक कृषक सीएससी पर निर्देशानुसार 31 मई 2022 के पूर्व ईकेवाईसी निश्चित रुप से करा लें।*

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