
गुरुकृपा सर्वोपरि होता है गुरु हमारे वह तत्व है जिसे हमारे व्यक्तिगत जीवन में निखार आता है गुरु वो अमृत रूपी रस है जिसका मंत्र रूप रसपान करने से हम परमात्मा के समीप जाने का अधिकारी हो जाते गुरु की कृपा से हमारे जीवन में कहीं भटकाव अज्ञानता कुविचार और अनीति अन्याय अधर्म से हटकर के हम अपने जीवन को सुलझाने ने सक्षम हो जाते हैं बिना गुरु के कृपा के संभव नहीं है चाहे हम ब्रह्मा विष्णु शिव के समान क्यों न हो।गुरु बिन भव निधि तरही ना कोई शिव वीरांची सम होई।। हमारे परम पूज्य प्रधान पीठाधीश्वर जगतगुरु राजगोपालाचार्य ‘त्यागी स्वामी जी’ महाराज लक्ष्मी नारायण मंदिर चरित्रवन बक्सर बिहार का संदेश आदेशहमारे जीवन में अपना ले तो जीवन हमारा धन-धान्य हो जाता है और जीवन जीने का कला आ जाती है और यह सब गुरु कृपा से ही संभव है आज गुरुपूर्णिमा महोत्सव में दूर-दूर से संत महंथ श्रद्धालु भक्त गण भाग लिया तथा प्रसाद ग्रहण किए और गुरु रुपी कृपा प्रसाद लेकर परम् आनंद की अनुभूति किये।।। सभी कार्यकर्ता सम्लित रहे