Thu. Apr 23rd, 2026

गुरुकृपा सर्वोपरि होता है गुरु हमारे वह तत्व है जिसे हमारे व्यक्तिगत जीवन में निखार आता है गुरु वो अमृत रूपी रस है जिसका मंत्र रूप रसपान करने से हम परमात्मा के समीप जाने का अधिकारी हो जाते गुरु की कृपा से हमारे जीवन में कहीं भटकाव अज्ञानता कुविचार और अनीति अन्याय अधर्म से हटकर के हम अपने जीवन को सुलझाने ने सक्षम हो जाते हैं बिना गुरु के कृपा के संभव नहीं है चाहे हम ब्रह्मा विष्णु शिव के समान क्यों न हो।गुरु बिन भव निधि तरही ना कोई शिव वीरांची सम होई।। हमारे परम पूज्य प्रधान पीठाधीश्वर जगतगुरु राजगोपालाचार्य ‘त्यागी स्वामी जी’ महाराज लक्ष्मी नारायण मंदिर चरित्रवन बक्सर बिहार का संदेश आदेशहमारे जीवन में अपना ले तो जीवन हमारा धन-धान्य हो जाता है और जीवन जीने का कला आ जाती है और यह सब गुरु कृपा से ही संभव है आज गुरुपूर्णिमा महोत्सव में दूर-दूर से संत महंथ श्रद्धालु भक्त गण भाग लिया तथा प्रसाद ग्रहण किए और गुरु रुपी कृपा प्रसाद लेकर परम् आनंद की अनुभूति किये।।। सभी कार्यकर्ता सम्लित रहे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!