
श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत 30 अगस्त सोमवार को तथा वैष्णव जनों के लिए 31 अगस्त मंगलवार को होगा,(प्रोफेसर मुक्तेश्वर नाथ शास्त्री ने बताया)इस वर्ष भगवान श्रीकृष्ण का 5247वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा. श्री कृष्ण का अवतरण 3228 ईसवी वर्ष पूर्व हुआ था. 3102 ईसवी वर्ष पूर्व कान्हा ने इस लोक को छोड़ भी दिया. विक्रम संवत के अनुसार, कलयुग में उनकी आयु 2078 वर्ष हो चुकी है. अर्थात भगवान श्रीकृष्ण पृथ्वी लोक पर 125 साल, छह महीने और छह दिन तक रहे. उसके बाद स्वधाम चले गए. पंचांग के अनुसार, भाद्रमास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का आरंभ 29 अगस्त को रविवार को रात 10 बजकर 10 मिनट पर होगा. अष्टमी तिथि 30 अगस्त को रात में 12 बजकर 14 मिनट तक रहेगी. इस हिसाब से व्रत के लिए उदया तिथि को मानते हुए 30 अगस्त को जन्माष्टमी होगी. अर्ध रात्रि को अष्टमी तिथि एवं रोहिणी नक्षत्र का संयोग एक साथ मिल जाने के कारण जयंती योग में श्री कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत पर्व जन्मोत्सव 30 अगस्त सोमवार को सबके लिए होगा अष्टमी तिथि रोहिणी नक्षत्र सोमवार तीनों का एक साथ मिलना अत्यंत दुर्लभ एवं अधिक पुण्य फल कारक होगा 31 अगस्त को उदयकालिक रोहिणी नज्ञत्र मानने वाले कुछ विशिष्ट वैष्णो मातावलंबी श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत मनाएंगे।