बक्सर। चरित्रवन स्थित स्मृति कॉलेज सह ऐप्टेक कंप्यूटर एजुकेशन के परिसर में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर छात्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। डॉ रमेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के नियमित फैकल्टी एवं अन्य द्वारा छात्रों के आज के वितरित दायित्व निर्वहन संबंधित उनके जानकारी एवं हो रहे अनुभव संबंधित प्रश्नों से किया गया। निदेशक ने कहा कि “भारत का वयोवृद्ध पुरुष” और “भारत के अनौपचारिक राजदूत” कहे जाने वाले बुद्धिजीवी, शिक्षा शास्त्री, राष्ट्रवादी दादाभाई नौरोजी का जन्म दिवस भी 4 सितंबर 1825 है। उन्होंने ही सबसे पहले स्वशासन एवं स्वराज शब्द का इस्तेमाल किया। दादाभाई नौरोजी का निःस्वार्थ जीवन, राष्ट्र सेवा और उत्कट देशभक्ति भावी पीढियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगी। इसलिए भी यह दिवस महत्वपूर्ण है।
विगत 22 वर्षों से मनाए जा रहे छात्र दिवस की आवश्यकता एवं उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए स्मृति ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन के निदेशक डॉ रमेश कुमार ने कहा कि पुरातन काल में गुरु- शिष्य परंपरा बहुत ही सम्मानजनक होती थी। गुरु अपने शिष्य का ध्यान संतान की तरह रखते थे।शिष्य भी अपने गुरु की आज्ञा को सर्वोपरि मानते हुए, उसका पालन करते थे। विद्यार्थियों में शिक्षा संस्कार की बात करें तो युवा पीढ़ी उत्थान और प्रगति के नाम पर पाश्चात्य सभ्यता की ओर आकर्षित है।
उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि अब शिक्षक और विद्यार्थियों के बीच ऐसे संबंधों का निर्माण हो कि शिक्षक अपने विद्यार्थियों के भविष्य को निखार सकें। इन सभी बिंदुओं पर ध्यान रखते हुए खोती जा रही गुरु शिष्य परंपरा को पुनः सम्मानजनक स्थिति में स्थापित करने के लिए छात्र दिवस मनाना प्रासंगिक हो जाता है।
छात्रों में कर्तव्य दायित्व के बोध की समझ विकसित करने तथा आत्मविश्वास के स्तर को ऊंचा उठाने के निमित्त भी यह कार्यक्रम उचित है।
आज के दिन संस्थान के सीनियर बैच के छात्र-छात्राओं ने योजनाबद्ध तरीके से सारी गतिविधियों का संचालन पूरी ऊर्जा एवं जोश के साथ किया। टीम भावना से ओतप्रोत व्यक्तिगत क्षमता के विकास के साथ-साथ किसी संस्था में कार्य कैसे किया जा सकता है, इसका भी अनुभव छात्रों ने प्राप्त किया।
स्मृति कॉलेज के बीसीए फाइनल ईयर के निम्न छात्रों ने प्रबंधन,अध्यापन,लैब प्रशिक्षण तथा एकेडमिक एडवाइजर के रूप में अपने अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए सभी को प्रभावित किया। जहां शुभम ने केंद्र प्रबंधक का दायित्व का निर्वहन बखूबी किया वहीं आदर्श, आरती,शिवम्, आलिया फरीदी ने फैकल्टी के रूप में तारीफ बटोरी। रितिका एवं शालु राय ने ऐकेडमिक काउंसलर तो शिवम् प्रजापति ने लैब इंस्ट्रक्टर, हिमांशु पांडे ने मार्केटिंग, मोहित कुमार ने ऑफिस ब्वाय का कार्य संभालते हुए प्रशंसा के पात्र बने।रिया कुमारी ने भी लैब में सहयोग किया।
कार्यक्रम में साॅफ्टवेयर इंजीनियर शशांक,अजित कुमार चौबे,दया शंकर ओझा, हर्षिता चौबे,कर्मचारी गण सहित दर्जनों छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। निदेशक डॉ रमेश कुमार ने इस सुअवसर पर उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं के बीच मिष्ठान्न वितरण कराया और उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।