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महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय में ‘विकसित भारत युवा संसद महोत्सव’ का पूर्वाभ्यास सत्र सफलतापूर्वक संपन्न

 

बक्सर, 6 दिसंबर 2025 – महर्षि विश्वामित्र महाविद्यालय, बक्सर के मानस सभागार में आज आगामी विकसित भारत युवा संसद महोत्सव (Yuva Sansad Mahotsav) के जिला स्तरीय आयोजन के लिए एक सफल और विस्तृत पूर्वाभ्यास सत्र आयोजित किया गया। यह महत्वपूर्ण सत्र महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) कृष्णकांत सिंह की गरिमामयी अध्यक्षता में संपन्न हुआ।

 

‘आपातकाल के 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए एक सबक’ पर गहन मंथन

 

“आपातकाल का 50 वर्ष: भारतीय लोकतंत्र के लिए एक एक स्थापक” पर केंद्रित गहन चर्चा हुई। महाविद्यालय तथा अन्य संस्थानों से आए युवा छात्र-छात्राओं ने 3 मिनट के भीतर अपने तार्किक विचार, विश्लेषण और पक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए, जिससे सत्र में उच्च बौद्धिक वातावरण बना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा स्वस्तिवाचन, शंखनाद और सरस्वती वंदना के साथ किया गया, जिसने पूरे कार्यक्रम को एक औपचारिक और सकारात्मक शुरुआत दी। इसके पश्चात् सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया गया और फिर प्रस्तुतियों का दौर शुरू हुआ जो काफी देर तक चला।

कार्यक्रम के समापन पर, प्राचार्य प्रो. (डॉ.) कृष्णाकांत सिंह ने अध्यक्षीय भाषण दिया। उन्होंने अपने संबोधन में युवा प्रतिभागियों के उत्साह और विषय वस्तु की गहरी समझ की सराहना की। प्राचार्य महोदय ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में युवाओं की सक्रिय भागीदारी कितनी आवश्यक है और उन्हें देश के ज्वलंत मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि वे इस तरह के राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लें, क्योंकि ऐसे मंच न केवल उनकी अभिव्यक्ति कौशल को निखारते हैं, बल्कि उन्हें विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भी तैयार करते हैं। उनका संबोधन छात्रों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक और लाभप्रद रहा।

इस पूरे पूर्वाभ्यास सत्र का कुशल संपादन और सफल संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. वीरेंद्र प्रसाद के द्वारा संपन्न हुआ।

इस पूर्वाभ्यास सत्र में शामिल हुए प्राध्यापकगणों में इतिहास विभाग के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, दर्शनशास्त्र विभाग के प्राध्यापक डॉ. अवनीश पांडेय, डॉ नवीन शंकर पाठक, डॉ प्रिय रंजन चौबे,डॉ. प्रियेश रंजन, डॉ. श्वेत प्रकाश, डॉ. अर्चना कुमारी, डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. राकेश तिवारी, डॉ. विभा श्रीवास्तव, और सहित महाविद्यालय के अन्य प्राध्यापकगण भी उपस्थित रहे।

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