Tue. Apr 21st, 2026

माननीय, पटना उच्च न्यायालय, पटना एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार आनंद नंदन सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर एवं देवराज मुख्य न्यायायिक दंडाधिकारी, बक्सर द्वारा हरी झंडी दिखाकर स्वच्छता जागरूकता रैली को रवाना किया गया। स्वच्छता जागरूकता रैली में शामिल पारा विधिक स्वयंसेवक, न्यायालय कर्मी एवं पैनल अधिवक्ता द्वारा कार्यालय भवन, विधिक सेवा सदन से होकर व्यवहार न्यायालय, बक्सर, कलेक्टरेट रोड होते हुए अंबेडकर चौक, ज्योति चौक से होते हुए मॉडल थाना, बक्सर तक पहुंची। जिला न्यायाधीश, बक्सर के निर्देश के पर ये शहर के अनेक स्थानों पर पहुंची, और स्वच्छता हेतु आम जनमानस को जागरूक किया। आनंद नंदन सिंह, जिला एवं सत्र न्यायधीश ने मौके पर कहां की सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से जन आंदोलन उत्पन्न करने के उद्देश्य से श्रमदान गतिविधियों को शुरू करने के लिए जिला न्यायालय और जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर के संयुक्त तत्वावधान में इस वर्ष 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा (एसएचएस) अभियान जिले में चलाया जा रहा है। जिला प्राधिकार के कार्यान्वयन पर प्रोत्साहन प्रदान करना, संपूर्ण स्वच्छ गांव के महत्व का प्रसार करना, प्रत्येक व्यक्ति का व्यवसाय के रूप में स्वच्छता की अवधारणा को सुदृढ़ करना, और राष्ट्रव्यापी भागीदारी के साथ स्वच्छ भारत दिवस (2 अक्टूबर) की प्रस्तावना के रूप में इस अभियान को चलाया जाएगा। इस वर्ष स्वच्छता ही सेवा-2023 की थीम ‘ कचरा मुक्त भारत’ है। जिसका फोकस दृश्य स्वच्छता और सफाई मित्रों के कल्याण पर है। पिछले वर्षों की तरह स्वच्छता गतिविधियों की भावना स्वैच्छिकता/श्रमदान है। इन स्वच्छता अभियानों का ध्यान बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, छावनी बोर्ड, समुद्र तटों, पर्यटक स्थलों, चिड़ियाघरों, राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों, ऐतिहासिक स्मारकों, विरासत स्थलों, नदी के किनारों, घाटों, नालों और नालों आदि जैसे अधिक लोगों की संख्या वाले सार्वजनिक स्थानों पर होगा। राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कार्य करना है।
बताते चले की कल अनुमंडल न्यायालय, डुमराओं में हुए स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला जज ने कहा की इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
सभी महत्वपूर्ण स्थानों से कचरा हटाना, क्षेत्र में कूड़ेदान, सार्वजनिक शौचालय, ढलाव, अपशिष्ट परिवहन वाहन, एमआरएफ आदि जैसी सभी स्वच्छता संपत्तियों की मरम्मत, पेंटिंग, सफाई और ब्रांडिंग;
नदी तटों को साफ़ करने और विशेषकर गंगा ग्रामों और गंगा कस्बों में जल निकायों से अपशिष्ट (प्लास्टिक सहित) हटाने के अभियान में सहायता करना;
कूड़े को रोकने के लिए संरक्षित क्षेत्रों में प्लास्टिक सामग्री के विनियमन के साथ-साथ MoEFCC के तहत चिड़ियाघरों, राष्ट्रीय उद्यानों, वन्यजीव अभयारण्यों आदि की सफाई,
पर्यटक स्थलों, एएसआई द्वारा संरक्षित स्मारकों की सफाई अभियान के साथ-साथ एकल उपयोग वाली प्लास्टिक वस्तुओं के उपयोग को हतोत्साहित करने के लिए आईईसी पहल, हरा गीला सूखा नीला अभियान के अनुरूप सूखे और गीले कचरे के डिब्बे को संतृप्त करना आदि, रहा है।
एकल उपयोग प्लास्टिक (एसयूपी) के विकल्पों को प्रोत्साहित करने वाले आईईसी अभियानों के साथ-साथ छावनी बोर्ड क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान;
स्कूलों में स्वच्छता अभियान और जागरूकता गतिविधियाँ शुरू की जा सकती हैं, जिसमें बच्चे स्रोत पर अपशिष्ट पृथक्करण, अपशिष्ट की यात्रा, अपशिष्ट से धन, एसयूपी के विकल्पों के महत्व को समझ सकें। जहां संभव हो स्कूलों/कॉलेजों में स्वच्छता क्लब बनाए जा सकते हैं,
‘हर पत्री साफ सूत्री’ अभियान के तहत रेलवे पटरियों, रेलवे स्टेशनों, कॉलोनियों, अस्पतालों आदि सहित रेलवे के अंतर्गत आने वाली सभी संपत्तियों की सफाई और
देश की स्वच्छता यात्रा को बढ़ावा देने वाले विशेष कार्यक्रम, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना है। इसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए जिले में कार्यरत पारा विधिक स्वयंसेवकों द्वारा अपने-अपने प्रखंडों में जाकर स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाए जाने का निर्देश भी उन्होंने दिया। मौके पर वरीय लिपिक संजय कुमार, बक्सर, प्रभारी प्रशासन, राजीव कुमार, नजीर संतोष कुमार द्विवेदी, कार्यालय कर्मी सुधीर कुमार, सुमित कुमार, मनोज कुमार रवानी, संजीव कुमार, पारा विधिक स्वयंसेवक, अविनाश कुमार, अंजुम, प्रेम प्रकाश, कविंद्र पाठक, काजल, शत्रुघ्न सिन्हा, प्रीति कुमारी आदि वहीं पैनल अधिवक्ता संजय कुमार चौबे, कुमारी अरुणिमा, प्रीति कुमारी, चंद्रकला वर्मा, अखिलेश्वर दुबे, कुमार मानवेंद्र, राजेश कुमार आदि मौजूद रहे।

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