
कृषि समन्वयको को महंगा पड़ा पराली जलवाना
छः कृषि समन्वयक का वेतन बंद कर जिला कृषि पदाधिकारी ने किया शो कॉज
पराली जलाते हुए पाये जाने पर संबंधित व्यक्तियों पर होगी कठोर कार्रवाई
बक्सर: केचुआ को किसानो का दोस्त माना जाता है. जो मिट्टी को भुरभुरा बनाता है, जिससे उर्वरा शक्ति में अत्यधिक वृद्धि होती है. मिट्टी में अनेक प्रकार के लाभदायक बैक्टीरिया भी पाये जाते है, जो नाइट्रोजन, फास्फोरस इत्यादि पौषक तत्वों की पूर्ति करते है, परन्तु इन सभी लाभदायक जीव एवं बैक्टीरिया की परवाह किये बिना खेतो में पराली जला दिया जाता है, जो मिट्टी में लाभदायक जीव के नाश के साथ-साथ पर्यावरण के लिए खतरे की घंटी है. जिला कृषि पदाधिकारी श्री मनोज कुमार ने पराली जलाने से होने वाले नुकशान पर कहा कि मानव जीवन में सांस लेने की समस्या, आंखो में जलन, गले की समस्या प्रमुख है। साथ ही मृदा में कार्बनिक पदार्थ की क्षति, जमीन में पाये जाने वाले लाभकारी सूक्ष्म जीवाणुओं का सफाया, मुख्य एवं सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी प्रमुख है। उक्त नुकशान की भरपाई कभी नहीं की जा सकती। मवेशियों के चारा की व्यवस्था भी पराली द्वारा ही संभव है. इसी क्रम में जिला कृषि पदाधिकारी श्री मनोज कुमार ने क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया, जिसमे सम्बंधित क्षेत्रो में पराली जलाते हुए पाया गया. मौके पर ही सम्बंधित पंचायत के कृषि समन्वयक से संपर्क किया गया. पराली जलाने के मुद्दे पर कृषि समन्वयको द्वारा संतोषजनक जानकारी नहीं दी गई. इस रवैये पर जिला कृषि पदाधिकारी ने छः कृषि समन्वयको से चौबीस घंटे के अन्दर स्पष्टीकरण की मांग की गई है साथ ही अगले आदेश तक वेतन भी बंद कर दिया गया है. संतोषजनक स्पष्टीकरण प्राप्त नहीं होने पर निलंबन की कारवाई भी की जाएगी. किसानो द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन जलाने के बावजूद कोई एक्शन नहीं लेने के आरोप में राजपुर प्रखंड से कृषि समन्वयक मनभरन सिंह, महिपाल राय, सत्येन्द्र नारायन सिंह, राम निवास यादव तथा इटाढ़ी प्रखंड से अलोक कुमार पाठक, प्रवीण कुमार चौबे पर कठोर कारवाई की गई है. कारवाई का यह अभियान आगे भी चलता रहेगा. औचक निरीक्षण के दौरान जो व्यक्ति पराली जलाते हुए पाया जाता है तो उस पर सी.आर.पी.सी. की धारा 133 के अंतर्गत कार्रवाई की जायेगी तथा तत्काल प्रभाव से कृषक पंजीकरण को ब्लाक कर दिया जायेगा. जिससे कृषि एवं कृषि से सम्बद्ध समस्त लाभ से वंचित कर दिया जायेगा. जिला कृषि पदाधिकारी श्री मनोज कुमार ने कहा कि प्रदेश में बक्सर जिला का तापमान अव्वल दर्जे पर है। इस परिस्थिति में पराली जलाना भीषण तबाही को न्योता देना है। इसके लिए विभाग द्वारा जागरुकता के लिए प्रचार-प्रसार, योजनाओं में प्रोत्साहन,दण्डात्मक कार्रवाई, फसल अवशेष को मूल्य संवर्धन इत्यादि कार्य किये जा रहे हैं।