Thu. Jul 30th, 2026

आचार्य शिवपूजन पूजन सहाय आयोजन समिति उनवांस के तत्वाधान में उनके पैतृक गांव उंनवास में उनका 132वीं जयंती मनाई गई । कार्यक्रम की अध्यक्षता रजनीकांत गुप्ता एवं संचालन बब्लू श्रीवास्तव के द्वारा किया गया कार्यक्रम की शुरूआत उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण करके की गई उक्त कार्यक्रम के अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक एवं कायस्थ परिवार के प्रदेश संयोजक सह अधिवक्ता मंच के जिलाध्यक्ष सुमन कुमार श्रीवास्तव ने उनके जीवनी पर प्रकाश डालते हुए अपने संबोधन में कहा कि हिंदी के ऋषि तुल्य साहित्यकार आचार्य शिवपूजन सहाय की साहित्यिक व्यक्तित्व हिमालय की तरफ ऊंचा था वह हिंदी भाषा और साहित्य के महान उन्नायक थे उन्होंने साहित्यिक और शिक्षा के लिए अपनी संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया तथा वे साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष और राष्ट्रभाषा परिषद के संस्थापक मंत्री भी थे तथा उनकी लेखनी ने हिंदी के अनेकों साहित्य सेवियों की प्रतिभा को निखार और ऊंचाई प्रदान की है तथा उनका साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में सन 1960 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था तथा वे 1950 से 1959 तक पटना में बिहार राष्ट्रभाषा परिषद के निदेशक भी रहे और उनको 1962 में भागलपुर विश्वविद्यालय द्वारा डॉक्टर आफ लेटर्स की मानद उपाधि भी मिली थी ।ऐसे महान विभूति के जन्म स्थली पर हम लोगों को सौभाग्य प्राप्त हुआ है कि आज हम सभी उनके जयंती पर उनको याद कर रहे हैं । उक्त कार्यक्रम में आयोजन समिति के सदस्य वरिष्ठ नेता विपिन सिंह, गोविन्द सिंह महेंद्र मिश्रा सुनील सिंह रामसागर सिंह विनोद शुक्ला वैदेही श्रीवास्तव सत्यम श्रीवास्तव मथुरा सिंह सुशील कुमार श्रीवास्तव हीरालाल पाण्डेय कमलेश सिंह मो० अजहर मो० कैफ बासुकीनाथ उपाध्याय के अलावेअन्य सदस्य उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!