राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना द्वारा प्राप्त निदेश के आलोक में अंचल स्तर पर संचालित विभिन्न कार्यों यथाः ऑनलाईन जमाबन्दी में अंतिम लगान का विवरण दर्ज करने, ऑनलाईन जमाबन्दी का मूल जमाबन्दी से मिलान कर अशुद्धियों को दूर करने तथा छूटे हुए जमाबन्दी को ऑनलाईन करने, डिजिटाईजेशन के क्रम में लॉक जमाबन्दी को ऑनलॉक करने, सरकारी भूमि का सत्यापन, अभियान बसेरा-2 के कार्यों को सफल बनाने तथा दाखिल खारिज के अन्तर्गत 75 दिनों से अधिक के लंबित मामलें को शून्य करने हेतु कैम्प मोड में कार्यों का अन्तिम निष्पादन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आज दिनांक 28 मार्च 2025 को अपर समाहर्ता बक्सर, कुमारी अनुपम सिंह के द्वारा अंचल कार्यालय चौसा का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षणोपरान्त निम्न निदेश दिये गये :-
अंचल कार्यालय चौसा में अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं सभी संबंधित राजस्व कर्मी एवं कार्यालय कर्मी उपस्थित पाये गये। उपस्थित पदाधिकारियों एवं राजस्व कर्मचारियों के साथ अंचल कार्यालय में संचालित विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गयी।
समीक्षा के क्रम में पाया गया कि कृत कार्रवाई असंतोषजनक है। समीक्षोपरान्त अंचल अधिकारी, राजस्व अधिकारी एवं राजस्व कर्मचारियों को निदेशित किया गया कि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कार्यों यथाः ऑनलाईन जमाबन्दी में अंतिम लगान का विवरण दर्ज करने, ऑनलाईन जमाबन्दी का मूल जमाबन्दी से मिलान कर अशुद्धियों को दूर करने तथा छूटे हुए जमाबन्दी को ऑनलाईन करने, डिजिटाईजेशन के क्रम में लॉक जमाबन्दी को ऑनलॉक करने, सरकारी भूमि का सत्यापन, अभियान बसेरा-2 के कार्यों को सफल बनाने हेतु कार्रवाई कर कृत कार्रवाई का प्रतिवेदन 24 घंटे के अन्दर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। अंचल अधिकारी को निदेशित किया गया कि जिन राजस्व कर्मचारियों के द्वारा अपेक्षित प्रगति नहीं लायी जाती है, उनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई का प्रस्ताव समर्पित करेंगे। अंचल अधिकारी को निदेशित किया गया कि अगली तिथि को निरीक्षी पदाधिकारी के अंचल कार्यालय का निरीक्षण के दौरान अंचल कार्यालय में संचालित प्राथमिकता वाले कार्यों की प्रगति निश्चित रूप से परिलक्षित हो।
निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि दाखिल खारिज के 75 दिनों से अधिक 29 मामलें लंबित पाये गये। जबकि लगातार पाक्षिक समीक्षा बैठक में 75 दिनों से अधिक के लंबित मामलें को शून्य करने का निर्देश दिया जाता रहा है। अंचल अधिकारी का यह कृत्य उनके दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही को दर्शाता है। इस कृत्य के लिए अंचल अधिकारी से स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अंचल अधिकारी चौसा को निदेशित किया गया कि दाखिल खारिज के 75 दिनों से अधिक के लंबित मामलें को 31 मार्च, 2025 तक कैम्प मोड में अन्तिम निष्पाद कर शून्य प्रतिवेदन समर्पित करेंगे।
निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि भू-लगान का निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध वसूली मात्र 34.17 की गयी है। जबकि 31 मार्च, 2025 तक शत-प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति कर लेनी चाहिए थी। इस संबंध में अंचल अधिकारी चौसा से स्पष्टीकरण करने का निर्देश दिया गया। साथ ही अंचल अधिकारी निदेशित किया गया कि 31 मार्च, 2025 के बाद भू-लगान नहीं देने वाले भू-धारियों के विरूद्ध नीलाम पत्र वाद दायर करना सुनिश्चित करेंगे।