
बक्सर पंचकोशी परिक्रमा मेला पूर्ण होने के पश्चात बसाँव मठ के महंत स्वामी अच्युत प्रपनाश्चर्य जी महाराज द्वारा प्रसाद, वस्त्र और दक्षिणासम्मान देकर परिक्रमा में शामिल सन्त महात्माओं की विदाई की गई , हर साल की भांति इस साल भी बसाँव मठ के द्वारा पंचकोसी परिक्रमा समाप्त होने के बाद साधु-संतों को आदर पूर्वक भोजन कराते हुए एवं वस्त्र वितरण किया जाता है या परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है जो बसाँव मठ के द्वारा संपन्न होता है 5 दिनों तक साधु संत पंचकोसी परिक्रमा करने के पश्चात मठ पर आकर विश्राम करते हैं एवं प्रसाद ग्रहण करते हुए अपने अपने घर को लौट जाते हैं यह परंपरा बड़ी धूमधाम से मठ के द्वारा की जाती है सचिव रामनाथ ओझा ने बताया कि पंचकोसी परिक्रमा को भारत ने सभी लोग जानते हैं कि बक्सर में राम के द्वारा पांच जगह पर पांच चीजें खाकर यह परिक्रमा की गई थी यह परिक्रमा विश्वामित्र मुनि के द्वारा संपन्न करवाई गई थी राम और लक्ष्मण जब बक्सर आए थे अहिल्या तारण स्थल अहिरौली में ताड़का वध किया था।