
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अनुषांगिक इकाई गंगा समग्र द्वारा रविवार को गंगा को स्वच्छ व अविरल बनाने के लिए एक दिवसीय अभ्यास वर्ग का आयोजन नगर के रामलीला मंच पर किया गया.
कार्यक्रम की अध्यक्षता गंगा समग्र के जिला संयोजक अजय वर्मा व संचालन जिला सह संयोजक मदन जी दूबे ने किया. वहीं धन्यवाद ज्ञापन आयकर अधिवक्ता सुरेश संगम ने किया.
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में गंगा समग्र दक्षिण बिहार के प्रांत संयोजक शंभूनाथ पांडेय व विशिष्ट अथिति के रूप में गंगा समग्र के विभाग संयोजक हरिशंकर गुप्ता एवं रामलीला समिति के सचिव बैकुण्ठ नाथ शर्मा जी मुख्य रूप से उपस्थित थे.
आगत अतिथियों का सत्कार जिला संयोजक अजय वर्मा और जिला सह संयोजक मदन जी दूबे द्वारा अंग वस्त्र से स्वागत किया गया.
अभ्यास वर्ग की शुरुआत मां गंगा के तैल चित्र पर पूजन, दीप प्रज्वलन, बैठक मंत्र व गंगा गीत के साथ किया गया.
रामलीला मंच पर दो सत्रों में आयोजित गंगा समग्र के इस जिलास्तरीय अभ्यास वर्ग में सोमवार को जिले भर से आए कार्यकर्ताओं को सहायक नदियों, तालाब, जल निकास, पौधरोपण, जैविक खेती सहित कुल 15 आयामों के बारे में बारीकी से प्रशिक्षण दिया गया. जिसमें प्रथम सत्र में विभाग संयोजक हरिशंकर गुप्ता और द्वितीय सत्र में आयकर अधिवक्ता सुरेश संगम द्वारा गंगा को स्वच्छ व अविरल रखने का गुर सिखाया गया. इस अभियान में समाज के जागरण का महत्व भी समझाया गया।
इस दौरान कार्यक्रम कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गंगा समग्र के दक्षिण बिहार प्रांत संयोजक शंभूनाथ पांडेय ने कहा कि गंगा के साथ साथ अन्य सहयोगी नदियों को भी अविरल बनाने के लिए प्रयास करना होगा. उन्होंने कहा कि नदियों को जीवन देने में तालाबों और वनों की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। गंगा को अविरल बनाने के लिए तालाबों और छोटी नदियों को संवारने हेतु समाज में जन जागरण आवश्यक है। इसी क्रम में श्री पांडेय ने संगठन के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी जानकारी देते हुए कार्यकर्ताओं को तैयारी में अभी से जुट जाने व जिले के सभी सांगठनिक समितियों को जल्द से जल्द पूर्ण कर लेने का अनुरोध भी किया गया.
वहीं गंगा समग्र के विभाग संयोजक हरिशंकर गुप्ता ने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को जल तीर्थों के प्रति अपने कर्तव्य को पवित्र भाव से समझना होगा। अगर नदियों की सेहत खराब होगी तो स्वस्थ समाज की कल्पना संभव नहीं है। स्वस्थ समाज के लिए निर्मल जलतीर्थ अपरिहार्य हैं। उन्होंने कहा कि गंगा समग्र का सामाजिक जन जागरण अभियान के अब सकारात्मक परिणाम दिखने लगे हैं। उन्होंने कहा कि गंगा समग्र ने गंगा को अविरल और निर्मल बनाने के लिए संकल्प लिया है। और 15 आयामों के तहत इस पर तेज गति से कार्य भी चल रहा है.
इस क्रम में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए गंगा समग्र के जिला संयोजक अजय वर्मा ने कहा कि नगरीकरण की अंधी दौड़ और अविवेकपूर्ण ढंग से भूमिगत जल के दोहन ने गंगा के साथ दूसरी नदियों को सर्वाधिक नुकसान पहुंचाया है।
गंगा प्रदूषण मुक्त हों। इसका प्रवाह गुणवत्ता युक्त, अविरल और निर्मल हो। यह समाज की भी जिम्मेदारी है, क्योंकि यह उसके अस्तित्व से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि अपने घर और खेतों को विषमुक्त करना आवश्यक है। साथ ही वर्षा जल का अधिक से अधिक संचय करने के प्रबंध करने होगे। धरती पर वर्षा जल को रोककर ही छोटी नदियों को जीवन दिया जा सकता है। इसलिए नदियों के जीवन के लिए जल प्लावित तालाबों का होना बहुत महत्वपूर्ण है।
अभ्यास वर्ग में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने कार्यकर्ताओं को तालाबों के रखरखाव के साथ ही निर्माण और प्रबंधन के तरीके बताए। नदियों के किनारे यथासंभव ऐसे पौधे रोपें जाएं जो पर्यावरण अनुकूल हों।
इसमें पीपल, पाकड़, गूलर, बरगद, नीम अमलतास आदि के पौधे लगने के सुझाव दिये गए।
अभ्यास वर्ग में डॉ0 ओम प्रकाश केसरी ‘पवननंदन’ गणेश सिंह, रामेश्वर चौधरी, अधिवक्ता महेंद्र कुमार चौबे, कृष्ण कुमार वर्मा, झुन्नू वर्मा, दीपक केसरी, सुजीत कुमार गुप्ता, राजू गुप्ता, अखिलेश कुमार चौरसिया, शंकर गुप्ता, आयुष वर्मा, गुप्तेश्वर प्रसाद सर्राफ, तुषार राज, अनिकेत राज, शोभित कु0 गुप्ता सहित अन्य लोग भी मूख्य रुप से उपस्थित रहे.