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उर्वरक अनुज्ञप्ति लेकर व्यवसाय नहीं करने वालों पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई73 उर्वरक प्रतिष्ठानों का लाईसेंस रद्द किया गया, शेष पर कार्रवाई जारी-डीएओबक्सर: जिले में उर्वरक की आपूर्ति पारदर्शी एवं सुगमतापूर्वक हो, इसके लिए कृषि विभाग सदैव तत्पर है। उर्वरक आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत शामिल है। इस मद्देनजर किसानों को सुगमतापूर्वक किसानों के बीच उर्वरक की आपूर्ति हो, इसके लिए विभाग द्वारा आवश्यक कदम उठाये जा रहे है। जीरो टाॅलरेंस नीति के तहत विगत् वर्षो से उर्वरक का लाईसेंस लेकर व्यवसाय नहीं करने वाले व्यक्तियों पर विभाग की टेड़ी नजर है। ऐसे अनुज्ञप्तिधारी को चिन्हित कर कार्रवाई करने हेतु सहायक निदेशक स्तर के पदाधिकारी को नामित किया गया है। उर्वरक का लाईसेंस लेकर व्यवसाय नहीं करने में संलिप्त कुल 73 व्यक्तियों पर कृषि विभाग द्वारा बड़ी कार्रवाई की गयी है। जिला कृषि पदाधिकारी श्री मनोज कुमार ने बताया कि जिले में उर्वरक आपूर्ति को लेकर हमेशा विधि व्यवस्था में गड़बड़ी की आशंका बनी रहती है साथ ही जीरोटाॅलरेंस नीति का अनुपालन भी सख्ती के साथ किया जाना है। ऐसे में अगर उर्वरक की अनुज्ञप्ति लेकर व्यवसाय नहीं करें, तो उससे बड़ा दोषी कौन हो सकता है। इसी क्रम में सहायक निदेशक स्तर के पदाधिकारी के जाॅंचोपरांत जिले में 73 उर्वरक अनुज्ञप्ति को हमेशा के लिए रद्द कर दिया गया है। आगे उन्होंने बताया कि रद्द अनुज्ञप्ति में बक्सर-9, चैसा-4, राजपुर-12, इटाढ़ी-6, डुमराॅंव-9, नावानगर-8, ब्रम्हपुर-8, चैंगाई-2, केसठ-1, सिमरी-11,चक्की-3 अनुज्ञप्ति को रद्द किया गया है। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगा। जिला स्तर पर तीन छापामारी दल व एक कंट्रोल रुम का गठन किया गया है। पंचायत स्तर तक बीएओ, कृषि समन्वयक व किसान सलाहकार के माध्यम से उर्वरक को किसानों तक जीरोटाॅलरेंस नीति अंतर्गत वितरण कराने के उदेश्य से टैग किया गया है। आगे विशेष अभियान चलाकर उर्वरक कालाबाजारी में संलिप्त दुकानदारों पर कठोर कार्रवाई की जायेगी। डीएओ ने कहा कि उर्वरक बिक्री करने वाले प्रतिष्ठान अपने दुकान पर डिस्प्ले बोर्ड लगाकर प्रतिदिन उर्वरक स्टाॅक एवं एमआरपी को अंकित करेंगे, ताकि किसान सुगमतापूर्वक उर्वरक का क्रय कर सकें। इसके साथ-साथ प्रतिदिन का यूरिया का स्टाॅक जिला का वेबसाईट https://buxar.nic.in/daily-urea-retailer-stock-status/ पर उपलब्ध है। जिले में उर्वरक का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने उर्वरक बिक्रेताओं को सख्त हिदायात देते हुए कहा कि कोई भी उर्वरक बिक्रेता सम्बंधित कृषि समन्वयक व किसान सलाहकार की उपस्थिति में ही प्रतिदिन पूर्वाहन् 08 बजे से अपराहन् 06 बजे तक उर्वरक की बिक्री करेंगे। किसानों के बीच उर्वरक की बिक्री निर्धारित मूल्य पर किया जाना है। इसके लिए विभाग द्वारा जीरो टाॅलरेंस नीति लागू है। अगर औचक छापामारी के दौरान कोई भी बिक्रेता उक्त नियम का उल्लंघन करते पाया जाता है तो सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जायेगी। किसानों के लिए उर्वरक सम्बंधी शिकायत दर्ज कराने हेतु जिला नियंत्रण कक्ष का गठन किया गया है, जिसके नोडल अधिकारी के रुप में श्री शेखर किशोर, सहायक निदेशक,फसल प्रक्षेत्र नामित है। जिला नियंत्रण कक्ष का संपर्क सूत्र 9198879787, 7903767773 तथा 9473081675 है। इन मोबाईल नम्बर पर किसान उर्वरक से सम्बंधित शिकायत दर्ज करा सकते है। शिकायत करने वाले किसानों का नाम गुप्त रखते हुए कालाबजारी में संलिप्त बिक्रेताओं का लाईसेंस निरस्त/प्राथमिकी दर्ज करते हुए अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी। डीएओ श्री मनोज कुमार ने किसानों से अपील की कि खरीफ मौसम में जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक का भंडार है। कृषक मिट्टी जाॅंच के आधार पर ही उर्वरक का उपयोग करें। आगे उन्होंने कहा कि अॅंधाधुॅंध उर्वरकों के प्रयोग करने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब होने के साथ-साथ मिट्टी की सेहत भी खराब होती है। इस परिस्थिति में कृषि विशेषज्ञों, देशी पाठ्यक्रम से प्रशिक्षित उपादान बिक्रेता के सलाह पर उर्वरकों की अनुशंसित मात्रा का प्रयोग करें।

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