Fri. Aug 14th, 2026
  • जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर में पोषण परामर्श केंद्र की स्थापना
  • पोषण रथ को हरी झंडी को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
  • डीएम ने किया लोगों को पोषण के प्रति जागरुक, कहा परामर्श केंद्र से दूर होगा कुपोषण
    बक्सर, 09 सितम्बर : राष्ट्रीय पोषण माह के तहत जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट परिसर में जिला पोषण परामर्श केंद्र की शुरुआत बुधवार को की गई। अब जिलास्तरीय पोषण परामर्श केंद्र से कुपोषण को मात देने का मंत्र मिलेगा। यहां से फोन पर भी पोषण से संबंधित जानकारी लेकर लोग कुपोषण का खात्मा कर सकते हैं। बुधवार को जिलाधिकारी अमन समीर ने जिला पोषण परामर्श केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया। वहीं, ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में लोगों को जागरुक करने के लिए पोषण रथ को जिलाधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान आईसीडीएस की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी तारणी सिन्हा सहित सदर बाल विकास परियोजना कार्यालय की सीडीपीओ पुष्पा रानी, आईसीडीएस के जिला समन्वयक महेंद्र कुमार, पीएमएमवीवाई के जिला प्रोग्राम समन्वयक चंदन कुमार, रामाशंकर सिंह, गणेश चंद्र राम, राहुल कुमार, रेनू प्रभा, मालती देवी, राजेश कुमार, सरोज देवी व अन्य लोग मौजूद रहें।
  • जन-जन तक पहुंचाएंगे पोषण का संदेश
    मौके पर जिलाधिकारी अमन समीर ने कहा ‘पोषण माह को सफल बनाने के लिए जन-जन तक कुपोषण के खात्मे का संदेश पहुंचाया जाएगा। इसके लिए प्रशासनिक स्तर से हर आवश्यक पहल की जा रही है। मिशन सिर्फ हर हाल में पोषण माह को सफल बनाने का है।’ उन्होंने लोगों को जागरुक करते हुए कहा कि कुपोषण को मात देने का संदेश जन-जन तक पहुंचे। तत्पश्चात मौजूद पदाधिकारियों व कर्मियों ने लिया संकल्प लिया कि वह लोगों को जागरुक कर कुपोषण को मात देने का अभियान चलाएंगे। पदाधिकारियों व कर्मियों ने शपथ लिया। साथ ही समाज के हर लोगों को जागरूक करने के लिए आवश्यक योजना बनाई।
  • प्रखंड स्तर पर होगा पोषण परामर्श केंद्र
    पोषण माह की सफलता को लेकर जिले के सभी प्रखंडों में प्रखंड स्तर पर भी पोषण परामर्श केंद्र की स्थापना की जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि पोषण माह की सफलता ही कुपोषणमुक्त समाज निर्माण का प्रतीक है। इसलिए पोषण संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और लोगों को जागरूक करने की जरूरत है। जब समाज के हर तबके के लोग जागरूक होंगे तभी पोषण माह सफल होगा। जब लोग स्वस्थ रहेंगे तभी उनकी सोच स्वस्थ होगी। इसलिए बेहतर समाज के निर्माण के लिए यह आवश्यक है कि हमारी इस पीढ़ी को अच्छा पोषण मिले और वह सुरक्षित रहे। सभी माताओं का यह दायित्व है कि बच्चों में कुपोषण की समस्या को दूर करने के लिए साफ सफाई पर ध्यान दें। कुपोषण की समस्या तभी दूर हो सकती है जब बच्चों को स्वच्छता के बारे में बताया जाएगा।
  • सही पोषण से ही बच्चों का मानिसक विकास
    आईसीडीएस की जिला प्रोग्राम पदाधिकारी कुमारी तारणी सिन्हा ने बताया ‘उचित पोषण से ही बच्चों के शरीर का सर्वांगीण विकास होतस है। इसलिए बच्चों के स्वस्थ शरीर निर्माण के लिए उचित पोषण की बेहद आवश्यक होती है। इससे बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और बच्चों का स्वास्थ्य भी काफी बेहतर रहता है। पोषण माह को सफल बनाने के लिए ऑटो, ई-रिक्सा समेत अन्य वाहनों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।’ कार्यक्रमों के द्वारा समाज के हर लोगों तक पोषण का संदेश पहुंचाया जा रहा है। ताकि, कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण हो सके। वर्ष 2020 राष्ट्रीय पोषण माह का थीम “किचन गार्डेन को बढ़ावा देने के लिए गंभीर तीव्र कुपोषण (सैम) और पौधरोपण के साथ बच्चों की पहचान और ट्रैकिंग’ रखी गई है।
  • शहर से लेकर गांव तक होगा कार्यक्रम
    सही पोषण की जानकारी हर घर तक पहुंचे इसके लिए जिला मुख्यालय से लेकर गांव स्तर पर पूरे माह तरह-तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसमें घर-घर क्यारी, पोषण थाली अभियान का शुभारंभ सह पौधरोपण, जननी सेवा, गोदभराई दिवस, पोषण नारों का दीवार लेखन के साथ-साथ ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (भीएचएसएनडी) का आयोजन किया जाना है। दूसरे सप्ताह में भी इन गतिविधियों के अलावा बच्चों के प्रति उत्तरदायी व्यवहार के लिए ‘सजग’ कार्यक्रम, तीसरे सप्ताह में शिशु देखभाल, अन्नप्राशन दिवस एवं चौथे व पांचवे सप्ताह में निगरानी द्वारा अतिकुपोषित बच्चों की पहचान, 3-6 वर्ष के बच्चों के साथ केंद्र में चित्रांकन प्रतियोगिता का संचालन जैसे कार्यक्रमों का संचालन कराया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!