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मार्च महीना में जिला स्तरीय मेगा कृषि सम्मेलन आयोजित होगा
जिला पदाधिकारी बक्सर श्री अमन समीर की अध्यक्षता में जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक समाहरणालय अवस्थित कार्यालय कक्ष में आहूत की गई। जिला पदाधिकारी महोदय के द्वारा बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि जिला कृषि टास्क फोर्स की बैठक में महीना मे ंएक बार विभिन्न तरह के कृषि उत्पादन में लगे कृषकों को भी बुलावें ताकि वास्तविक स्थिति व समस्या को जाना जा सके। आत्मा के परियोजना निदेशक को मार्च महीना में जिला स्तरीय मेगा कृषि सम्मेलन आयोजित करने को कहा गया। जिसमें कृषि से संबंधित विभिन्न विधाओं के विशेषज्ञ आमंत्रित किए जाऐंगे। उनके द्वारा कृषि क्षेत्र में आधुनिक ढंग से खेती के उपाय बताये जाने के साथ-साथ समय के साथ अन्य अधिकतम फायदे वाले कृषि उपज के बारे में जानकारी दी जाएगी। जिला कृषि पदाधिकारी को गेहूँ के फसल के कटनी के पश्चात अवशेष को जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाये जाने की जानकारी एवं इससे होने वाले नुकसान के बारे में किसान सलाहकार के माध्यम से अभी से ही प्रचारित करवाने का निदेश दिया गया। कृषि चौपाल में चर्चा हेतु एजेंडा स्पष्ट रूप से तैयार करने का निदेश जिला कृषि पदाधिकारी एवं आत्मा के परियोजना निदेशक को दिया गया। इसमें फसल अवशेष को जलाने से हानि के बारे में जानकारी देना, जैविक खेती से होने वाले फायदो के अलावा कृषि विभाग की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना शामिल होगा। प्रधानमंत्री किसान निधि से संबंधित मामलों को लंबित रखने वाले अंचलाधिकारियों से स्पष्टीकरण पूछने का निदेश दिया गया। प्रधानमंत्री किसान निधि के लिए जिला में कुल 139497 (एक लाख उनचालीस हजार चार सौ संतानवे) आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए। जिनमें से 80372 स्वीकृत किए गए। शेष में पेंडिग एवं रिजेक्टेड शामिल हैं। किसान क्रेडिट कार्ड वितरण के संबंध में जानकारी दी गई कि वर्ष 2020-21 में 21966 लक्ष्य के विरूद्ध बैंको में किसानों से कुल 9875 आवेदन प्राप्त हुए। जिनमें से 3355 आवेदन स्वीकृत कर दिए गए। जिला पशुपालन पदाधिकारी के द्वारा जानकारी दी गई कि जिला में कुल 21 प्रथम श्रेणी के एवं 01 अनुमण्डल स्तरीय पशु चिकित्सालय कार्यरत हैं। सभी पशु चिकित्सालयों में निर्धारित 42 तरह की दवाईयाँ स्टॉक में उपलब्ध है। जिला में पशुओं की कुल संख्या तीन लाख चौहतर हजार बताई गई। वर्तमान में सभी पशुओं में इयर टैगिंग का कार्य चल रहा है। अब तक लगभग 90 प्रतिशत पशुओं के इयर टैगिंग कर लिए जाने की जानकारी दी गई। जिला पदाधिकारी महोदय के द्वारा विस्तृत विवरणी सभी पशुओं का अलग-अलग बनाने का निर्देश दिया गया। कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा 16 जगहों पर ही उपलब्ध रहने की जानकारी दी गई। शेष पाँच जगहों पर भी विभाग से अनुरोध कर कृत्रिम गर्भाधारण की सुविधा प्रारम्भ करवाने को कहा गया। जिला मत्स्य पदाधिकारी के द्वारा जानकारी दी गई कि बायोफ्लॉक तकनीक से मछली पालन हेतु कुल 12 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिनमें से छह को स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इस योजना के जरिए 50% सरकारी अनुदान के रूप में चार लाख की राशि दी जाती है। इस योजना के तहत दो जगह प्रशिक्षण भी दिया जाता है। पहला दीप नारायण सहकारिता प्रबंधन संस्थान पटना एवं दूसरा मीठापुर, पटना अवस्थित मत्स्य विभाग का प्रशिक्षण संस्थान शामिल है। बैठक में उप विकास आयुक्त बक्सर श्री योगेश कुमार सागर, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्सय पदाधिकारी, जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, कार्यपालक अभियंता लघु सिंचाई, कार्यपालक सोन नहर प्रमण्डल, कार्यपालक अभियंता विद्युत एवं पदाधिकारीगण उपस्थित थे।

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