बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर आज व्यवहार न्यायालय परिसर, बक्सर परिसर स्थित कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकार बक्सर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम -सह- सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गयाl कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन प्रातः 10:30 बजे राष्ट्रीय गीत गाकर द्वीप प्रज्वलित कर किया गया l सर्वप्रथम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री अनुपमा सिंह ने कार्यक्रम में सम्मिलित उपस्थित सभी लोगों का स्वागत किया तत्पश्चात श्री बिंदेश्वरी पांडे सचिव जिलाअधिवक्ता संघ, बक्सर ने अपनी बातों को सभी के समक्ष रखाl मौके पर मंच का संचालन न्यायिक पदाधिकारी सुश्री आंचल ने कियाl इस अवसर पर अवर न्यायाधीश -सह- सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार श्रीमती नेहा दयाल द्वारा महिलाओं को विधिक सेवा के प्रति जानकारी दी गईl इस दौरान उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार हर उस महिला के साथ खड़ी है जिस समाज उनका कार्य स्थल या किसी भी क्षेत्र में कार्य करने वाली महिलाओं को किसी भी तरह की परेशानी है वह हमारे कार्यालय में आकर अपनी बातों को हमारे सामने रख सकते हैं उन्हें विधि से संबंधित सभी तरह की सुविधा मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी l इसके पश्चात विधिक सेवा के उद्देश्यों को पुरा करने मे विभिन्न क्षेत्रों में जिले में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिवक्ता, न्यायिक कर्मचारी, विधि स्वम सेवक, आदि को सुश्री काजल झाम्ब, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बक्सर द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर उन्हे सम्मानित किया गयाl इन सभी ने कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकार बक्सर के बैनर तले विधिक सेवा का उद्देश्यों को पूरा करने में सहयोग किया हैl मौके पर अपने संबोधन में सुश्री काजल झाम्ब, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को सेलिब्रेट किया जाता है। महिला सशक्तिकरण और महिला अधिकारों को ध्यान में रखते हुए हर साल 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च 2026) पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। यह दिन पूरी तरह से महिलाओं के लिए समर्पित होता है। इस दिन को समाज में महिलाओं के योगदान के लिए समर्पित माना जाता है। नारी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि का आधार है। वह जीवनदायिनी है, प्रेम की मूर्ति और रिश्ते संवारने वाली शक्ति है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, ममता, और त्याग का स्वरूप माना गया है। यह हमारे शास्त्रों में कहा गया हैl
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 (8 मार्च) की थीम “गिव टू गेन” (Give To Gain – दान से लाभ) है। यह थीम महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए सहयोग और संसाधनों के योगदान पर जोर देती है, जो अंततः पूरे समाज को लाभ पहुँचाता है। इसके अलावा, इस वर्ष का फोकस “अधिकार और न्याय के साथ, सभी महिलाओं और लड़कियों का सशक्तिकरण” सुनिश्चित करने के लिए वास्तविक कार्रवाई पर है।
मौके पर आयोजित अन्य कार्यक्रम में लोगों के बीच अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम अन्तर्गत महिलाओं के उनके कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम हेतु एक संवेदीकरण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गयाl मौके पर एक नाटक का भी आयोजन किया गया जिसमें विधि स्वयंसेवक शत्रुघ्न सिन्हा,बृजेश कुमार, मनन कुमार सिंह, प्रमोद कुमार, रामजी यादव एवं श्रीमती दीपिका केसरी ने अपनी सराहनीय भूमिका निभाई जिसका उद्देश्य अपने कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न से पीड़ित होने वाली महिलाओं के लिए क्या कानून है, उनके क्या अधिकार हैं इन विषयों के बारे में बताना थाl मौके पर श्रीमती सुधांशु पांडे, अवर न्यायाधीश ने महिलाओं को घरेलू हिंसा संबंधित अधिनियम 2005 से संबंधित कानून, श्री सोनेलाल रजक, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश ने दहेज निषेध अधिनियम 1961, श्री अमित कुमार शर्मा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश ने पोक्सो एक्ट 2012 के अंतर्गत कानून से संबंधित जानकारी, श्रीमती अनुपमा कुमारी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश ने यौन उत्पीड़न से महिलाओं से संबंधित बचाव , कानून आदि के बारे में उपस्थित सभी लोगों को कानूनी विषयों से संबंधित जानकारी दीl मौके पर कार्यालय कर्मी दीपेश कुमार, सुधीर कुमार, सुनील कुमार, मनोज कुमार रवानी, पैनल अधिवक्ता आरती राय, संजय कुमार चौबे, अविनाश कुमार श्रीवास्तव, विवेक कुमार गुप्ता, श्री कविंद्र पाठक आदि मौजूद रहेl