
*सनातन-संस्कृति समागम स्थल का केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने किया निरीक्षण व कार्यकर्ताओं के साथ की बैठक*कार्यक्रम को लेकर दो दर्जन से अधिक कमेटियों का गठनतीन हेलीपैड होगा तैयारस्थानीय सांसद सह केंद्रीय पर्यावरण, वन व जलवायु परिवर्तन तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य व सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों के साथ 7 नवम्बर से 15 नवम्बर-2022 को अहिरौली (सरस्वती विद्यामंदिर के निकट ) बक्सर में श्री राम कर्मभूमि न्यास ,सिद्धाश्रम (बक्सर) द्वारा प्रस्तावित सनातन-संस्कृति समागम व श्री वामनेश्वर श्रीराम कर्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महाकुंभ व अंतरराष्ट्रीय संत समागम के लिए स्थल का निरीक्षण व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। केंद्रीय मंत्री श्री चौबे ने कहा कि समागम की तैयारियों शुरू हो गई है। 8 नवम्बर को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत आएँगे। बड़ी संख्या में देश के विभिन्न क्षेत्रों से साधु संतों ने आमंत्रण स्वीकार किया है। प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। बक्सर का दिव्य व भव्य स्वरूप समागम में देखने को मिलेगा। श्रीराम, श्रीमद्भागवत कथा, सांस्कृतिक कार्यक्रम, हवन, यज्ञ व पूजन होगा। संत समागम में बड़ी संख्या में साधु, महात्मा, संत, विभिन्न पीठो के पीठाधीश्वर, सांस्कृतिक व धार्मिक आध्यात्मिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। भगवान श्रीराम के ननिहाल, ससुराल, माता शबरी स्थल से भी प्रतिनिधि आएंगे।

केंद्रीय मंत्री श्री चौबे ने समागम स्थल का निरीक्षण के बाद सरस्वती शिशु मंदिर में कार्यकर्ताओं से बैठक की। कार्यक्रम के दृष्टिकोण से दो दर्जन से कमेटी बनाई गई है। तीन हेलीपैड तैयार किया जाएगा। कार्यक्रम में भगवान श्रीराम के कृतित्व एवं व्यक्तित्व पर चर्चा होगी। अंतरराष्ट्रीय संत सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें भगवान श्रीराम से जुड़े स्थलों से संत पधारेंगे। इस मौके पर मुख्य रूप से एसडीएम धीरेंद्र मिश्रा, राजेंद्र जी, राघव जी, परशुराम चतुर्वेदी, अरुण मिश्र, प्रदीप राय, इंदु देवी, पूनम देवी, हीरामन पासवान, निर्भय राय, लक्ष्मण शर्मा, धनंजय राय, प्रियरंजन चौबे, सौरभ चौबे, अभिनंदन सिंह, श्रवण तिवारी, राजाराम पांडेय, रमेश वर्मा, अनुराग श्रीवास्तव, शीला त्रिवेदी, जयप्रकाश राय, संतोष शर्मा, दहीबल सिंह, रामबाबू सिंह, मोहन उपाध्याय, नित्यानंद चौबे, ब्रजकिशोर उपाध्याय, नंदन कुमार तिवारी, रूपेश मिश्रा, मिथलेश राय आदि सहित बड़ी संख्या में समाजिक सांस्कृतिक धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे।