बच्चों की बचपन को उड़ान दे दो,
मजदूरी रोक उनके चेहरे पर मुस्कान दे दो
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर आज दिनांक 12 जून 2025 को संयुक्त श्रम भवन बक्सर में श्रम संसाधन कार्यालय, बक्सर द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
डॉ० विद्यानंद सिंह जिला पदाधिकारी बक्सर के द्वारा कार्यक्रम का विधिवत् उद्घाटन किया गया।
श्रम अधीक्षक बक्सर द्वारा कार्यशाला में बाल श्रमिक पर प्रतिबंध से सभी उपस्थितियों को अवगत कराया गया। बाल श्रम कराना दण्डनीय प्रावधान है। पकड़े जाने पर नियोजक (कार्य करवाने वाले को) को रु० 20,000/- (बीस हजार) से रु० 50,000/- (पचास हजार) तक का जुर्माना एवं 6 माह से 2 वर्ष तक की सजा अथवा दोनों हो सकता है। अपराध पुनरावृत्ति करने पर एक वर्ष से तीन वर्षों तक का कारावास हो सकता है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार दोषी नियोजकों के द्वारा रु0 20,000/- (बीस हजार) बाल पुनर्वास सह कल्याण कोष में देय होगा, अन्यथा सर्टिफिकेट केस दायर कर यह रकम वसूली जायेगी।
बाल एवं किशोर श्रम (प्र० एवं वि०) अधिनियम 1986 के अंतर्गत विमुक्त किशोर श्रमिकों को मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) के माध्यम से ₹ 25000 का आर्थिक पुनर्वास किया जाएगा।
जिला पदाधिकारी द्वारा स्पष्ट शब्दों में बताया गया कि किसी भी प्रतिष्ठान पर बाल श्रमिक पाए जाते हैं, तो दोषी नियोजकों पर कठोर कार्रवाई की जायेगी।
उक्त कार्यक्रम में जिले के सभी पंचायतों के श्रमिक उपस्थित थे। इसके साथ साथ सभी श्रमिकों को श्रम विभाग अंतर्गत संचालित सरकार की महत्वपूर्ण एवं कल्याणकारी योजनाओं यथा बिहार शताब्दी असंगठित कार्यक्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना, बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।
श्रम संसाधन विभाग एवं जिला पदाधिकारी महोदय के निर्देश पर समय समय पर बाल श्रम नियोजकों के विरुद्ध छापेमारी कर नियोजकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाती है।
बाल श्रम दिखने पर तस्वीर एवं पते के साथ वाट्सअप करें : 9471229133 अथवा टोल फ्री न० 1800-2965-656 पर सूचित करें।
कार्यक्रम में श्रम अधीक्षक बक्सर, जिला नियोजन पदाधिकारी बक्सर, सभी श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी एवं एन०जी०ओ० उपस्थित थे।