Sat. Jun 6th, 2026
न्यायाधीश योग करते हुए

बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशानुसार आज कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकार,बक्सर द्वारा माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अंजनी कुमार सिंह के कुशल नेतृत्व में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर कार्यालय भवन विधिक सेवा सदन में योग दिवस मनाया गया। मौके पर एक योग के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें व्यवहार न्यायालय बक्सर मैं कार्यरत सभी न्यायाधीश, कर्मचारी एवं कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर में कार्यरत कर्मचारी गण, पारा विधिक स्वयंसेवक पैनल अधिवक्ता गण ने इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर योग गुरु श्री रामा शंकर पांडे एवं श्री संजय मिश्रा द्वारा योग के बहुत से गुण लोगों को बताया गया। योग करने से क्या फायदा है, आप अपने शरीर को किस तरह स्वस्थ रख सकते हैं, शरीर में नई ऊर्जा का संचार के माध्यम आदि के बारे में उन्होंने बताया। अपने संबोधन में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह-सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकार, बक्सर धर्मेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि हर साल 21 जून को देश और दुनिया के हर हिस्से में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को पहली बार 2015 में जून की 21 तारीख को मनाया गया था। योग शारीरिक स्वास्थ्य के साथ ही साथ मानसिक सेहत के लिए भी जरूरी है। योग के इसी महत्व को बताने के लिए, साथ ही लोगों में इसके प्रति जागरूकता फैलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस यानी इंटरनेशनल योग डे (International Yoga Day) मनाने की परंपरा शुरू हुई। इस साल भी देश भर में अलग-अलग कार्यक्रम के जरिए योग के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने मन की बात के जरिए इस साल के योग दिवस के थीम (Theme) का ऐलान किया।साल 2022 अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 8 वें एडिशन की थीम ‘योग फॉर ह्यूमैनिटी’ (Yoga for Humanity) है। यानी ‘मानवता के लिए योग’। भारत की इस पहल की वजह से ही देश को ‘योग गुरु’ कहा जाता है। बता दें कि 11 दिसंबर 2014 को यूनाइटेड नेशन की जनरल असेंबली ने 21 जून को विश्व योग दिवस मनाने की घोषणा की थी। जिसके बाद साल 2015 में 21 जून को पहली बार दुनियाभर में योग दिवस मनाया गया।21 जून को ही क्यों मनाते हैं योग दिवस? |साल के सभी दिनों में से 21 जून सबसे लंबा दिन होता है। इसके पीछे भौगोलिक कारण ये है कि इस दिन उत्तरी गोलार्ध पर सूरज की सबसे ज्यादा रोशनी पड़ती है। इस दिन सूर्योदय जल्दी होता है जबकि सूर्य ढलता देर से है। सूरज से मिलने वाली ऊर्जा भी इस दिन सबसे ज्यादा प्रभावी होती है, जो नेचर की पॉजिटिव एनर्जी को बढ़ावा देती है। इन्हीं सब बातों को बताते हुए माननीय सचिव ने लोगों को योग कार्यक्रम में सहयोग कर योग करने की प्रेरणा दी।मौके पर सभी कार्यालय कर्मी एवं विधिक पैनल अधिवक्ता प्राविधिक स्वयंसेवक मौजूद रहे।

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