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विधिक सेवा दिवस 09 नवंबर के अवसर पर किया गया जागरूकता कार्यक्रम

आजादी के 75 में वर्षगांठ के उपलक्ष में नालसा, नई दिल्ली द्वारा निर्देशित देश भर में पैन इंडिया जागरूकता सह डोर टू डोर कार्यक्रम किया जा रहा है। इसी क्रम में बक्सर जिले में आज 09 नवंबर को विधिक सेवा दिवस के अवसर पर अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश -सह- सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, धर्मेंद्र कुमार तिवारी के नेतृत्व में जिले के सभी प्रखंडों में विधिक सेवा दिवस मनाया गया। जिसमें राजपुर प्रखंड के मदरसा विद्यालयों में पैनल अधिवक्ता मोहम्मद शमशाद खान और विधिक स्वम सेवक मो वसीम खान द्वारा बच्चों को विधिक सेवा का पाठ पढ़ाया गया। मौके पर मो शमशाद खान ने कहा कि 9 नवंबर को हमारे देश में राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस (National Legal Service Day) के रूप में मनाया जाता है।
इसका उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों के लोगों को निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करना है।
उल्लेखनीय है कि यह दिवस भारत के उच्चतम न्यायालय द्वारा समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को कानूनी सहायता और समर्थन प्रदान करने के लिए शुरू किया गया था।
गौरतलब है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 39-A समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित है।
भारत में, 09 नवंबर को सभी विधिक सेवा प्राधिकारियों द्वारा “राष्ट्रीय विधिक सेवा दिवस” ​​के रूप में मनाया जाता है। जिसे विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 (Legal Services Authorities Act 1987) को लागू करने के लिए मनाया जाता है। इस दिन को विधिक सेवा के तहत प्राधिकरण अधिनियम और वादिकारियों के अधिकार को विभिन्न प्रावधानों से अवगत कराने के लिए मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य समाज के कमजोर वर्गों के लोगों के लिए नि: शुल्क, प्रवीण और कानूनी सेवाओं की पेशकश करना है। यह कमजोर वर्गों के लोगों को मुफ्त सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्हें उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने का प्रयास भी करता है।
कानूनी सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 को 11 अक्टूबर 1987 को लागू किया गया था, जबकि अधिनियम 9 नवंबर 1995 को प्रभावी हुआ था। इस दिन की शुरुआत भारत के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1995 में समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को सहायता और सहायता प्रदान करने के लिए की गई थी। यह एक कमजोर और गरीब लोगों के समूह को सहायता और सहायता देने के लिए एक जनादेश के साथ स्थापित किया गया था। जो महिलाओं, विकलांग व्यक्तियों, अनुसूचित जनजाति (एसटी), बच्चों, अनुसूचित जाति (एससी), मानव तस्करी पीड़ितों के साथ-साथ  प्राकृतिक आपदाओं का शिकार भी हो सकते हैं। साथ ही पैनल अधिवक्ता दीपिका केसरी, गायत्री कुमारी वर्मा और प्रीति कुमारी द्वारा महिला कारा, बक्सर स्थित विधिक सेवा केंद्र पर कारा बंदीयों के बीच विधिक सेवा दिवस मनाया गया। अन्य जगहों में दीपका केशरी और गायत्री कुमारी वर्मा द्वारा बरहमपुर प्रखंड के धनछपरा पंचायत में, निमेज पंचायत में, प्रभाकर मिश्रा , कृष्णकांत यादव द्वारा सिमरी प्रखंड के राजापुर पंचायत के अर्जुनपुर गाँव के विद्यालयों में, सरोज कुमार चौबे और सत्यम कुमार पांडे द्वारा चौसा प्रखंड के विद्यालयों में, राजेश कुमार द्वारा नावानगर प्रखंड के विद्यालयों में, शंकर दयाल वर्मा द्वारा बक्सर प्रखंड के वार्ड संख्या 5,6 में, मदन प्रजापति द्वारा वार्ड संख्या 25 में, अनीशा भारती और विष्णु शंकर श्रीवास्तव द्वारा डुमराँव प्रखंड के महारानी उषा रानी उच्च विद्यालय के प्रांगण में, गजेंद्र नाथ दुबे, जनारदन सेठ, दीपक कुमार, विवेक कुमार द्वारा इटाढ़ी प्रखंड में एवं अन्य पैनल अधिवक्ताओं और विधि स्वम सेवको द्वारा जागरूकता कार्यक्रम व जिले के अन्य जगहों पर डोर टू डोर कार्यक्रम किया गया

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