बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के निधन पर महर्षि विश्वामित्र विचार मंच द्वारा अम्बेडकर चौक स्थित निर्दलीय लोकसभा प्रत्याशी पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा के चुनावी कार्यालय में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. जिसकी अध्यक्षता भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोज सिंह व संचालन भाजपा के पूर्व जिला कोषाध्यक्ष हरिशंकर गुप्ता ने की. इस अवसर पर महर्षि विश्वामित्र विचार मंच के राष्ट्रीय संयोजक व भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राणाप्रताप सिंह, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सच्चिदानंद भगत मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
इस मौके पर अपने नेता सुशील मोदी जी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई, साथ ही दो मिनट का मौन रखकर पूण्य आत्मा की शांति और इस दुखद घड़ी में परिवारजनों को संबल प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना की गई.
इस अवसर पर श्रद्धांजलि सभा में अपनी संवेदना प्रकट करते हुए महर्षि विश्वामित्र विचार मंच के राष्ट्रीय संयोजक सह भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष राणाप्रताप सिंह ने कहा कि सुशील कुमार मोदी जी के निधन से मै काफी मर्माहत हुं. “सुशील मोदी जमीन से जुड़े हुए नेता थे. वह बिहार भाजपा के राजनीति के धुरी थे. साथ ही वह हम सभी के एक आदर्श मार्गदर्शक के रूप में भी रहे’ उनके निधन से हम सभी कार्यकर्ता दुखी व मर्माहत हैं. बिहार की सियासत में उनकी क्षतिपूर्ति संभव नहीं है. उनके निधन से बिहार की राजनीति के एक अध्याय का अंत हो गया.
उन्होंने अपनी संवेदना में कहा कि उनका जीवन सादगी से भरा था. उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन से बिहार और देश की राजनीति को नयी दिशा दी. वह हम युवाओं के लिए आदर्श थे. युवा राजनीति में आएं तो क्या करें इसको लेकर वो हमेशा मुझे बताते रहे. वो .उनके निधन से महर्षि विश्वामित्र विचार मंच के सभी सदस्य काफी दुखी व मर्माहत है . भगवान इनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिवारजनों को दुख सहने की शक्ति दे.
वहीं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष व मोदी जी के अत्यंत करीबी रहे सच्चिदानंद भगत ने सुशील मोदी के निधन पर शोक जाहिर करते हुए कहा कि ” सुशील कुमार मोदी राजनीति के एक अप्रतिम योद्धा थे. वह कैंसर जैसे असाध्य रोग से पीड़ित होने के बावजूद भी किसी को जानकारी नहीं दी और ऐसे रोग से लड़ते हुए राज्य और देश के विकास की चिंता के साथ कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन करते रहे. वह राजनीति में धनबल और बाहुबल के खिलाफ थे, ऐसे महान नेता का निधन न सिर्फ बिहार बल्कि देश के लिए अपूरणीय क्षति है.”बिहार की राजनीति में उनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी.
संवेदना प्रकट करने वालों में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सचिदानंद भगत, जिलाध्यक्ष मनोज सिंह, भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री बजरंगी तिवारी, भाजपा के वरिष्ठ नेता दयाशंकर तिवारी, हरिशंकर गुप्ता, अशोक पासवान, नंदलाल प्रजापति, रमेश तिवारी, विमल सिंह, अरुण गुप्ता, मुनि जी सिंह, पिण्टू जायसवाल आदि ने भी अपनी संवेदना मुख्य रूप से प्रकट किया.