Thu. Apr 23rd, 2026

बक्सर:- नगर में महावीरी पूजा के अवसर पर हर्षोल्लास के साथ पवनपुत्र की पूजा अर्चना की गई. इस दौरान जूलूस निकालते हुए लाठी भांजने की परंपरा का निर्वहन किया. गया. मंदिरों में श्रद्धालुओं ने बजरंगबली की स्तुति और उनका वंदन करते हुए गीत भी गुंजायमान रहे. वर्षों से चली आ रही मान्यताओं के अनुसार कोरोना वायरस समेत विभिन्न प्रकार की आपदाओं से रक्षा को लेकर मंगलवार को नगर के विभिन्न मुहल्लों में महावीरी झंडा की पूरी श्रद्धा भक्ति के साथ पूजा की गई. इस मौके पर नगर के कुल 27 अखाड़ों द्वारा जूलूस निकाला गया. जिसमें बरजंगबली के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन भक्तों ने पाएं.पौराणिक मान्यताओं के अनुसार बक्सर नगर में आपदा और महामारी से रक्षा को ले हर साल होली के अगले अथवा दूसरे मंगलवार को महावीरी झंडा के पूजा की यहां परंपरा है. कहते हैं कि लगभग सौ वर्ष पूर्व शहर पर प्लेग नामक भयंकर महामारी का प्रकोप छाया हुआ था. तब किसी सन्यासी के निर्देश पर तत्कालीन बंगाली एसडीओ द्वारा महावीरी झंडा की विधिवत पूजा अर्चना कर घी से आहूति देने की सलाह दी गई थी. उस सलाह को मानते हुए लोगों ने बकायदा पूजा अर्चना की और वास्तव में शहर पर छाए प्लेग का असर समाप्त हो गया. तब से हर साल यह परंपरा चली।

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