
चौसा हाई स्कूल के मैदान में रेलवे यात्री संघर्ष समिति के बैनर तले समिति के अध्यक्ष पूर्व जिला पार्षद की अध्यक्षता में बैठक संपन्न की गई।बैठक का संचालन ग्राम स्वराज ट्रस्ट पवनी के अध्यक्ष मृत्युंजय दुबे ने की ने किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ मनोज कुमार यादव ने कहा कि कोरोना काल में बंद फरक्का एक्सप्रेस एवं पटना कुर्ला एक्सप्रेस का ठहराव पूर्ववत की तरह किया जाए,अपर इंडिया एक्सप्रेस एवं हावड़ा अमृतसर एक्सप्रेस के जगह पर मगध एक्सप्रेस का ठहराव एवं विभूति एक्सप्रेस एवं हावड़ा अमृतसर मेल का ठहराव किया जाए। साथ ही डॉ यादव ने कहा कि महिला तथा पुरुषों के लिए अलग-अलग प्रतीक्षालय की व्यवस्था एवं स्टेशन पर आरक्षण केंद्र की व्यवस्था के साथ स्टेशन के पश्चिम साइड में यात्री शेड,शौचालय की व्यवस्था,ऊपर गामी पुल का निर्माण तत्काल कराया जाए,पटना से तीसरी लाइन का विस्तारीकरण के साथ पवनी कमरपुर हाल्ट पर यात्रियों की सुविधा जैसे प्लेटफॉर्म टिकट काउंटर ऊपरी गामी पूल पानी एवं शौचालय एवं अन्य सुविधा को लेकर बैठक किया गया।दुर्भाग्य की बात है कि चौसा में 1320 मेगा वाट का विद्युत थर्मल पावर बन रहा है जहां से हजारों यात्रियों को आने-जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।इस स्टेशन पर तीन जिला के यात्री कैमूर,रोहतास और बक्सर ट्रेन पकड़ने आते हैं।लेकिन करोना कॉल से बंद पड़ी गाड़ियों का ठहराव आज तक नहीं हो सका। यह जनप्रतिनिधियों के उपेक्षा के कारण है। माननीय रेल मंत्री एवं रेल मंत्रालय के साथ डीआरएम दानापुर एवं जीएम हाजीपुर को बार-बार स्मार पत्र देने के बावजूद भी ट्रेनों का ठहराव आज तक नहीं हो सका जिससे कि चौसा ही नहीं बल्कि करीब 400 गांव से अधिक के लोगों को आने जाने का साधन था।जबकि चौसा ऐतिहासिक धरती है चौसा स्टेशन से जनप्रतिनिधियों एवं भारत सरकार के रेल मंत्रालय तक को कोई मतलब नहीं है जिस क्षेत्र से रेल मंत्री बनते हैं सिर्फ वही का विकास करना चाहते हैं तो भारत सरकार के रेल मंत्री बनने का क्या मतलब है जो माननीय अपने क्षेत्र का दुख दर्द नहीं जान पाता है तो उसे जनप्रतिनिधि बनने का कोई औचित्य नहीं है डॉ यादव ने कहा कि सिर्फ चौसा और क्षेत्र की जनता के लोगों की पूछ चुनाव में ही होती है। इसलिए दिनांक 29.11.22 से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन का निर्णय लिया गया है ।इस बैठक में इंजीनियर नितेश कुमार उपाध्याय,कन्हैया प्रसाद मालाकार मंगल देव पासवान भरत पांडे हरिहर मेहरा गर्जन कुशवाहा इम्तियाज रजक लक्ष्मण बहेलिया सैयद नसीम अख्तर डेहरी पंचायत के मुखिया कल्लू अंसारी,श्यामलाल प्रसाद, डोमा राम ठाकुर प्रसाद कानू बलिराम भगत चितरंजन कुमार अरविंद कुमार शमीम शाह राधेश्याम चौधरी जय राम चौधरी तेजू खरवार जगदंबा वैद्य राम प्रवेश राजभर,गोविंद खरवार,संतोष कुमार सिंह,बिहारी प्रसाद, कैलाश राम सत्येंद्र सिंह,विजय राम, सुग्रीव ठाकुर,रामप्रवेश प्रसाद,गोविंद खरवार,रामाशीष सिंह कैलाश खरवार मुन्ना खरवार जुगनू मालाकार प्रदीप कुशवाहा, राम भजन राम,भीम यादव,चंद्रमा राम,मुन्ना खरवार,संतोष चौधरी, बुद्धा माली,हिसामुद्दीन मियां, भुवर राम प्रवेश राजभर बेनी माधव राजभर अरुण कुशवाहा चंद्रमा कुशवाहा दिनेश राजभर उमेश यादव रामनिवास सिंह शिव बचन सिंह ,रामेश्वर चौहान,सुनील मालाकार अधिवक्ता, शिव शंकर राम विजय राम कृष्णा वर्मा ,श्रीराम यादव उपस्थित रहे।