Wed. Sep 16th, 2026

जिला पदाधिकारी बक्सर श्री अमन समीर की अध्यक्षता में पंचायती राज व्यवस्था के जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए आहूत की गई। उप विकास आयुक्त बक्सर, जिला परिषद बक्सर अध्यक्ष एवं जिला परिषद के सदस्यगण जिला पदाधिकारी के कार्यालय कक्ष में एवं जिला के सभी मुखियागण, प्रमुखगण एवं प्रखण्ड विकास पदाधिकारीगण वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए उपस्थित थे। बैठक को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी महोदय ने कहा कि जन प्रतिनिधियों की भूमिका कोविड संक्रमण के प्रसार को रोकने में काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने सबों से कहा कि राज्य के बाहर से आने वाले व्यक्तियों की कोविड जाँच करवाने में वे सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। चूँकि हमारे जिला में कोरोना संक्रमण का प्रभाव लगातार कम होते जा रहा है, अतएव पुनः बाहर से आने वाले व्यक्तियों के जरिए संक्रमण न फैले इसका विशेष ध्यान रखना होगा। तीसरी लहर के बारे में भी अलर्ट करते हुए कहा गया कि बच्चों की बीमारी को हल्के में नहीं लेने के संबंध में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। बच्चों के संक्रमित होने पर ईलाज हेतु विशेष तैयारी किये जाने के बारे में भी जानकारी दी गई। गाँवों में विशेषकर महादलित टोलों में टीका के संबंध में फैली हुई भ्रांति को दूर करने हेतु जागरूकता अभियान चलाने में अपेक्षित सहयोग की अपेक्षा की गई। कहा गया कि स्थानीय जनप्रतिनिधि अपनी सक्रिय भूमिका के जरिए ग्रामीणों को आश्वस्त कर सकते हैं कि टीका कोरोना से बचाव हेतु कारगर उपाय है। इससे किसी भी तरह का नुकसान नहीं होता है। जिले के फ्रंटियर वर्कर के रूप में सिविल सर्जन के साथ सभी चिकित्सक, चिकित्सक कर्मी, पुलिस अधीक्षक के साथ पुलिस पदाधिकारी एवं पुलिस बल जिला पदाधिकारी के साथ सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों ने लगभग दो महीने पहले ही टीका ले लिया है। सभी स्वस्थ एवं सुरक्षित हैं। इस आशय को प्रचारित करने पर भी जोर दिया गया। पंचायतों में होने वाले जन्म एवं मृत्यु के पंजीकरण में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका को भी जानकारी दी गई। बताया गया कि पंचायतों में जन्म-मृत्यु की सूचना नजदीकी जन्म-मृत्यु निबंधन करने वाले कर्मी व पदाधिकारियों को देना पंचायत प्रतिनिधियों के लिए अनिवार्य है। इसमें विफल होने पर पंचायती राज अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई करने का भी प्रावधान है। अतएव जन्म-मृत्यु की सूचना निश्चित रूप से संबंधित कर्मी दें। वर्षा एवं अन्य कारणों से सड़कों पर होने वाले जलजमाव की समस्या पर भी चर्चा की गई। सभी जनप्रतिनिधियों को वैसी सभी सड़कों की सूची बनाने को कहा गया ताकि सरकार के सात निश्चय के अन्तर्गत निकट भविष्य में उनकी मरम्मति की जा सके।

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