जिला पदाधिकारी बक्सर, श्री अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में सभी प्रधान लिपिक/नजीर की मासिक बैठक समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में की गई।
बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी (सामान्य प्रशासन विभाग) बिहार पटना द्वारा सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी को मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली के द्वितीय चरण में लागू किए गए मॉड्यूल्स का उपयोग किया जाना है। जिला पदाधिकारी द्वारा विभागीय निदेश के अनुपालन हेतु निर्देशित किया गया।
मानव संसाधन प्रणाली के अंतर्गत अवकाश प्रबंधन, सेवा सत्यापन, कैडर प्रबंधन, ITI घोषणा, लोन रिकवरी इत्यादि कार्यों में असंतोषजनक प्रगति वाले निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों के माह मई 2025 का वेतन भुगतान स्थगित करते हुए एक सप्ताह के अंदर प्रगति प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
समाहरणालय, अनुमंडल, प्रखंड एवं अंचल स्तरीय कर्मियों यथा लिपिक, राजस्व कर्मचारी, अमीन, जनसेवक, पंचायत सचिव, कार्यपालक सहायक आदि का विभागीय निदेश के आलोक में स्थानांतरण हेतु प्रस्ताव उपस्थापित करने का निर्देश स्थापना उप समाहर्ता बक्सर को दिया गया।
सभी कार्यालयों के नाजिर को मुख्य एवं सहायक रोकड़ पंजी को अद्यतन रूप से संधारित करने का निर्देश दिया गया।स्थापना उप समाहर्ता बक्सर को निदेश दिया गया कि रोकड़ पंजी अद्यतन नहीं करने वाले नाजिर से कारण पृच्छा करना सुनिश्चित करेंगे।
सेवांत लाभ की समीक्षा के क्रम में पाया गया कि विभिन्न कार्यालय में कुल 15 सेवांत लाभ के मामलें लंबित हैं। स्थापना उपसमाहर्ता बक्सर को सेवांत लाभ के मामलें की समीक्षा कर त्वरित निष्पादन हेतु निदेशित किया गया। सेवानिवृत कर्मियों के संदर्भ में 06 माह पूर्व से ही उन्हें देय सेवान्त लाभ से संबंधित सभी कागजात तैयार करने एवं ससमय भुगतान सुनिश्चित करने हेतु सभी कार्यालय के प्रधान लिपिक को निर्देश दिया गया।
सभी कार्यालयों के प्रधान लिपिक को माननीय उच्च न्यायालय में लंबित वादों में ससमय प्रतिशपथ पत्र/कारण पृच्छा दायर करने हेतु निर्देशित किया गया।
सभी संबंधित कार्यालय के प्रधान लिपिक को भविष्य निधि MISSING CREDIT/DEBIT से संबंधित लंबित मामलों में एक सप्ताह के अंदर विवरणी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
कार्यालय की साफ सफाई एवं कार्य संस्कृति को बेहतर करने हेतु आवश्यक निर्देश दिया गया। सभी कर्मियों को औपचारिक परिधान में कार्यालय आने, पहचान पत्र धारण करने एवं कार्यालय में आने वाले व्यक्तियों के साथ सौम्य एवं शालीन व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं को सुनने एवं उसके निष्पादन हेतु आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।