
कोरोना काल में देखने में या आ रहा है कि खाता ना बही जो अधिकारी कहे वही सही कहीं टेस्टिंग के नाम पर फॉर्मेलिटी निभाई जा रही है स्टेशन पर कहीं और कहीं कोरोना जांच में नेगेटिव आए लोगों को क्वांरटीन किया जा रहा है एक मामला प्रकाश में आया जब उस पर हम लोगों के तरफ से जानकारी ली गई तो पता चला कि UP नरही के रहने वाले हैं संजय पाठक जो अपने पूरे परिवार के साथ अहमदाबाद से बक्सर आए और उन्हें उत्तर प्रदेश जाना था पर स्टेशन पर कोरोना जांच में उनको रोका गया उनके परिवार को छोड़ दिया गया और उनको क्वांरटीव सेंटर भेजा गया पर उनके मोबाइल पर जो कोरोना जांच का रिपोर्ट आया वह नेगेटिव आया लेकिन फिर भी उनको नहीं छोड़ा गया दूसरे दिन उनके घर के लोग जब पुराना सदर अस्पताल पहुंचे तो वहां के लोगों ने कहा की कोरोना जांच नेगेटिव हो या पॉजिटिव हम नहीं छोड़ सकते हैं जब तक कोई अधिकारी हमें छोड़ने के लिए नहीं कहेगा उनके जो रिश्तेदार आए हुए थे वह उत्तर प्रदेश के बलिया में पत्रकार हैं जिन्होंने हमें फोन किया और सारी बात बताई हमने सीएस को फोन लगाया तो उनका फोन नहीं उठा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी को फोन लगाया तो उनसे बात हुई तो उन्होंने कहा कि कंप्यूटर ऑपरेटर की गड़बड़ी हो सकती है डाटा अपलोड करने में मैं देखता हूं क्या होगा इसमें उन्होंने कहा मैं दोबारा जांच करवा देता हूं दोबारा जांच रिपोर्ट जब नेगेटिव आई तब जाकर उनको छोड़ा गया और वह अपने घर उत्तर प्रदेश जा पाए इसीलिए कहा गया है कि खाता न बही जो अधिकारी कहे वही सही ना किसी ने नेगेटिव रिपोर्ट देखा ना ही किसी ने इसकी सुध ली और एक व्यक्ति को 24 घंटे के करीब किस आधार पर क्वांरटीन किया गया इसके बारे में किसी ने कुछ नहीं बोला।