
बक्सर: मै हूॅं फसल अवशेष, मुझे न जलाना, कुड़ा न समझो मुझे, मैं हूॅं खेत का गहना के साथ दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेला का समापन किया गया। सदर प्रखंड स्थित बाजार समिति के प्रांगण में दिन मंगलवार को दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण मेला के समापन के अवसर पर किसानों ने लगभग बासठ लाख रुपये से अधिक राशि के यंत्रों की खरीदारी की। जिला कृषि पदाधिकारी श्री मनोज कुमार ने कहा कि दो वर्षो के अंतराल पर जिले में दो दिवसीय कृषि यांत्रिकीकरण का आयोजन हो रहा है, जिससे किसानों में हर्ष का माहौल था। मेला में पराली प्रबंधन से संबंधित सभी यंत्रों का लाईव प्रदर्शन की व्यवस्था की गई थी, जिससे किसानों ने मौके पर यंत्रों के प्रयोग करने की पद्धति से रुबरु हुए। डीएओ ने बताया कि जिले के सभी प्रखंडों में कस्टम हायरिंग सेंटर कार्यरत है। उक्त सेंटर पर बहुत ही कम राशि में पराली प्रबंधन से संबंधित यंत्र किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है। अगर किसान यंत्र खरीदने में सक्षम नहीं हैं, वैसे किसान कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से किराये पर यंत्र लेकर पराली प्रबंधन के साथ-साथ अन्य खेती-बाड़ी का कार्य कर सकते हैं।
आत्मा द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दी जा रही पराली प्रबंधन की जानकारी: मेला में नुक्कड़ नाटक की भी व्यवस्था की गई थी। इस नाटक के माध्यम से पराली जलाने के नुकशान एवं नहीं जलाने से फायदे के साथ-साथ रबी मौसम में उगाई जाने वाली फसलों के प्रबंधन पर लघु नाटक के माध्यम से जानकारी दी गई। यहाॅं बताते चले कि आत्मा द्वारा आयोजित रबी किसान चैपाल में उक्त नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जिले के सभी पंचायतों में वृहत रुप से पराली प्रबंधन पर जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है।
विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी किया भ्रमण: पराली प्रबंधन को लकर विद्यालय के छात्र-छात्राओं को भी जागरुक किया जा रहा है। इस मद्येनजर दिन मंगलवार को बड़ी संख्या में विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा कृषि यांत्रिकीकरण मेला में भ्रमण कर यंत्रों का अवलोकन किया गया।
पराली प्रबंधन वाले यंत्र एवं उसपर अनुदान: विभागीय स्तर पर वायु प्रदूषण के मामले में बक्सर जिला रेड जोन में है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। ऐसे में पराली जलाना जले पर नमक छिड़कने जैसा है। इसके लिए विभाग द्वारा आकर्षक अनुदान पर पराली प्रबंधन वाले यंत्र यथा स्ट्रा मैनेजेमेंट सिस्टम, स्ट्रा बेलर, हैप्पी सीडर, रोटावेटर इत्यादि उपलब्ध कराया जा रहा है। विस्तृत रुप से अनुदान राशि की जानकारी विभाग के वेबसाईट www.dbtagriculture.gov.in से हासिल की जा सकती है। मौके पर सभी विभागीय कर्मी एवं प्रगतिशील कृषक मौजूद थे।