बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देश पर आज व्यवहार न्यायालय परिसर, बक्सर में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम -सह- सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गयाl जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में जिले में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्कूल की छात्राओं, को श्री हर्षित सिंह, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, श्री अंसुल अगरवाल, जिला पदाधिकारी, श्री सुभम आर्य, पुलिस अधीक्षक , बक्सर द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर उन्हे सम्मानित किया गयाl इन सभी विद्यालय की छात्राओं में चित्रकला, नृत्य, वाद विवाद प्रतियोगिता, खेल, विज्ञान आदि छेत्रों मे बक्सर जिले का नाम रोशन किया हैl मौके पर अपने संबोधन में श्री हर्षित सिंह, माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को सेलिब्रेट किया जाता है। महिला सशक्तिकरण और महिला अधिकारों को ध्यान में रखते हुए हर साल 8 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (8 मार्च 2025) पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। यह दिन पूरी तरह से महिलाओं के लिए समर्पित होता है। इस दिन को समाज में महिलाओं के योगदान के लिए समर्पित माना जाता है। नारी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि संपूर्ण सृष्टि का आधार है। वह जीवनदायिनी है, प्रेम की मूर्ति और रिश्ते संवारने वाली शक्ति है। भारतीय संस्कृति में नारी को शक्ति, ममता, और त्याग का स्वरूप माना गया है। यह हमारे शास्त्रों में कहा गया हैl
मौके पर आयोजित अन्य कार्यक्रम में लोगों के बीच नशा मुक्ति को लेकर विद्यालय की छात्राओं द्वारा एक नुक्कर नाटक का भी आयोजन किया गया l जिसमे उनके द्वारा
नशा हम सब के लिए एक अभिशाप है, जो हमारे समाज में आम है। हम जानते हैं कि मानव ही इस धरती पर सबसे बुद्धिमान और शक्तिशाली है और अपने जीवन को सुखद बनाने के लिए हर संभव कोशिश करता है लेकिन अच्छी शिक्षा के अभाव में लोग कम उम्र में ही नशा जैसे अन्य शारीरिक परिणामों का शिकार हो जाते हैं और आजीवन नशे की लत में रहते हैं। नशा मुक्ति से समाज में सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है जो समृद्धि, सुरक्षा और सामाजिक ताकत को बढ़ावा देगा। इस नुक्कड़ नाटक से लोगों के बीच उन्होंने नशा मुक्ति का सुखद संदेश दिया।