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सनातन संस्कृति समागम में श्रीराम कथा रसपान करने पहुंचे पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद

पूज्य जीयर स्वामी जी के सानिध्य एवं मार्गदर्शन तथा पदम विभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी के संरक्षण में आयोजित सनातन संस्कृति समागम में आज राम कथा के षष्ठम दिवस पर पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री व पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद जी और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद जी जगद्गुरु रामभद्राचार्य के मुखारविंद से श्रीराम कथा श्रवण करने पहुंचे। स्वामी रामभद्राचार्य जी ने उनका स्वागत किया और माननीय मंत्री जी ने स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया।

श्री राम कर्म भूमि न्यास के तत्वावधान व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के संयोजन में आयोजित सनातन संस्कृति समागम में जगद्गुरु श्रीरंभद्राचर्य जी के मुखारविंद से राम कथा सुनने देश-विदेश से सनातनी और राजनैतिक विभूतियां पहुंच रही हैं।
आज कथा रसपान करने पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद पहुंचे उन्होंने कहा-
मैं इस पवित्र आयोजन पर पूज्य स्वामी जी को सादर प्रणाम करता हूँ। मुझे पता चला की स्वामी जी ने संकल्प लिया है कि जिस तरह राम जन्मभूमि में भगवान राम का भव्य मन्दिर बन रहा है उसी तरह श्रीराम कर्मभूमि में भगवान राम की सबसे बड़ी प्रतिमा बनाई जाएगी।
स्वामी जी ने यदि यहां इच्छा प्रकट की है तो वह काम भी होगा।
मित्र अश्विनी चौबे के साथ मैं भी इस संकल्प को पूरा करने कंधे से कंधा मिलाऊँगा।
पूज्य स्वामी जी के आशीर्वाद में बहुत बल है। उन्होंने इच्छा प्रकट की है तो यह संकल्प भी अवश्य ही पूरा होगा।

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर मिश्र जी ने पूज्य स्वामी जी को प्रणाम करते हुए कहा- मैं बक्सर के इस ऐतिहासिक आध्यात्मिक भूमि को प्रणाम करता हूँ।
भारत में ऋषि-मुनियों की परम्परा रही है। इन्ही महत्माओं ने भारत के विश्वगुरु की छवि बनाई थी।

स्वामी रामभद्राचार्य जी ने कहा कि बक्सर में भगवान राम की 1000 फ़ीट ऊंची विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा बनेगी। जिसके लिए मैं तुलसीपीठ के अपने निजी कोष से 9 लाख रुपये की राशि दूंगा।

प्रधानमंत्री मोदी जी को भी अनावरण पर आमंत्रित करूँगा और अपने 76 जन्मदिन पर 9 दिवसीय राम कथा का आयोजन इसी भूमि पर होगा।

जब उच्चतम न्यायालय के जजों ने राम जन्म का प्रमाण पूछा तो हमने 441 प्रमाण दिए थे। जिनमे 437 स्पष्ट प्रमाण थे।

मैं पढा-लिखा संत हूँ भूत भगाने में विश्वास नही करता मैं कौशल्या के पूत में विश्वास रखता हूँ।

मोदी जी 25 वर्षों में भारत को विकसित देश बनाने का स्वप्न देख रहे हैं। मैं कहता हूँ कि प्रत्येक भारतीय केवल एक घण्टे मन से अपना कर्तव्य करे तो 10 वर्षों में ही भारत विकसित देश बन जाएगा।
भगवान भागवत गीता में कहते हैं कि फूल, फल और मिष्ठान से मेरी पूजा मत करो अपने कर्म से मेरी पूजा करो। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपना कर्म करना चाहिए।

यहां सबको नेता बनना है। सभी व्यर्थ कार्यों में पैसा बहाते हैं मैं सभी से कहना चाहता हूँ कि व्यर्थ के कार्यों और अपने निजी हितों के लिए भारत की जनता का पैसा मत बहाइये।
जनता एक-एक पैसे का हिसाब मांगती है।

व्यर्थ पैसा बहाने के बजाय किसी गरीब का पेट भर दिया जाए तो सैकड़ो यज्ञों का फल प्राप्त होता है।

मैं सभी सांसदगणों से कहता हूँ कि वे मोदी जी से निवेदन करें और संसद में बहुमत पारित कर रामचरितमानस को राष्ट्रग्रंथ घोषित किया जाए। राष्ट्र की समस्या का 90% समाधान रामचरितमानस के सूत्र में मिल जाएगा।

लक्ष्मण शब्द का अर्थ है जिसका मन लक्ष्य में लगा हो।
अपना मन लक्ष्य में लगाइए और लक्ष्य होना चाहिए कश्मीर से कन्याकुमारी तक गोमुख से गंगासागर तक भारत कैसे अखण्ड बने।
मैं राजस्थान के सालासर क्षेत्र में हनुमान जी का महायज्ञ करने जा रहा हूँ। जिसमे सवा करोड़ आहुतियां दी जाएंगी। जिस प्रकार हनुमान जी ने माता सीता को श्रीराम को लौटाया उसी प्रकार हनुमान जी PoK को लौटा सकते हैं। मुझे लगता है कि 2024 तक pok हमारा होगा वातावरण भी हमारे अनुकूल बन रहा है।

श्रीराम ही राष्ट्र के मर्यादा के रक्षक हैं, श्रीराम से ही राष्ट्र का मंगल होगा, श्रीराम ही जनगणमन के अधिनायक हैं, श्रीराम ही भारत के भाग्य विधाता हैं।

संविधान के प्रथम पृष्ठ पर रामदरबार का चित्र अंकित है
श्रीराम ही भारत की आत्मा और जगत के परमात्मा हैं।

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