Sun. Jun 21st, 2026

मोहनियां यज्ञ स्थल से बक्सर पहुंची 5 लाख 51 हजार रूद्राक्ष का रामरेखा घाट पर मंत्रोच्चार के बीच हुआ अभिषेक.

रुद्राक्ष लेकर पहुंचे संत महात्माओं का महर्षि विश्वामित्र की धरती पर हुआ भव्य स्वागत

रामरेखा घाट पर दिव्य रूद्राक्ष का दर्शन, पूजन करने उमड़े नगर के नर-नारी.

कैमुर जिला अंतर्गत मोहनियां के महाराणा प्रताप महाविद्यालय में 24 से 29 दिसम्बर तक आयोजित राष्ट्र रक्षा रूद्राक्ष महायज्ञ में 5 लाख 51 हजार दिव्य रुद्राक्ष को लगातार 6 दिनों तक विधिवत मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक किया जाना है.

इसके पूर्व शुक्रवार को यज्ञ स्थल मोहनियां से दिव्य रूद्राक्ष को लेकर परम पूज्य साध्वी लक्ष्मी माता के साथ संत महात्माओं की टोली महर्षि विश्वामित्र की पावन भूमि बक्सर पहूंची.

जहाँ दानी कुटिया के पास राष्ट्र रक्षा समिति के संयोजक राणाप्रताप सिंह के अगुवाई में सीताराम विवाह महोत्सव के पूज्य संत श्री राजाराम शरण दास जी सहित सैकड़ों भक्तों द्वारा फूल माला और गाजे बाजे, हाथी घोड़ा के साथ भव्य स्वागत किया गया.
स्वागतोपरांत सैकड़ों की संख्या में उपस्थित सदस्यों द्वारा मोटरसाइकिल जत्थे के साथ आगवानी करते हुए रूद्राक्ष रथ यात्रा को रामरेखा घाट लाया गया.
जहाँ पूज्य साध्वी लक्ष्मी माता द्वारा श्री रामेश्वर नाथ मंदिर के न्यासी रामस्वरूप अग्रवाल व हरिशंकर गुप्ता की देखरेख में भगवान श्री रामेश्वर नाथ की विधिवत पूजा अर्चना की गई.
इसके उपरांत 5 लाख 51 हजार दिव्य रूद्राक्ष का मंत्रोच्चार के बीच आदित्य चौधरी, विमल सिंह, हरिशंकर गुप्ता, वीरू सिंह, संजय राय व अन्य भक्तों की अगुवाई में गंगाजल में अभिषेक कराया गया.
तत्पश्चात राष्ट्र रक्षा समिति द्वारा रामरेखा घाट पर एक धर्मसभा आयोजित की गई. जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पूज्य साध्वी लक्ष्मी माता जी, मुख्य वक्ता के रूप में आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक व धर्म जागरण (बिहार/झारखंड) के क्षेत्र प्रमुख आदरणीय सुबेदार सिंह जी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में बसांव मठ के मुख्य पुजारी श्री भोला बाबा मुख्य रूप से उपस्थित थे.

धर्मसभा की अध्यक्षता परम पूज्य संत श्री राजाराम शरण महाराज जी व संचालन यज्ञ समिति के जिला संयोजक राणाप्रताप सिंह ने की.

उक्त अवसर पर धर्म सभा को संबंधित करते हुई मुख्य अतिथि के रूप में पधारी सनातन धर्म की ध्वजा वाहिका साध्वी लक्ष्मी माता जी ने कहा कि बक्सर ऋषि मुनियों की तपोभूमि और महर्षि विश्वामित्र की यज्ञ भूमि होने के फलस्वरूप राष्ट्र रक्षा रुद्राक्ष महायज्ञ के निमित्त 5 लाख 51 हजार दिव्य रुद्राक्ष को इस भूमि पर मां उत्तरायणी गंगा के गोद में मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक किया गया है.

इस दिव्य रुद्राक्ष को यहाँ से मोहनियां यज्ञ स्थल ले जाया जायेगा जहाँ 24 से 29 दिसम्बर 2023 तक आयोजित राष्ट्र रक्षा रूद्राक्ष महायज्ञ में 6 दिनों तक दिव्य अनुष्ठान होगा. उसके बाद इस दिव्य रुद्राक्ष को भक्तों के रक्षार्थ वितरण किया जायेगा.

इस दौरान बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता वरिष्ठ प्रचारक सुबेदार सिंह ने कहा कि हर एक नागरिक को राष्ट्र रक्षा का संकल्प लेकर देश की सेवा के प्रति भावना अपनी को विकसित करना होगा तभी हमारा देश महान बनेगा. उन्होंने समिति के सदस्यों से कहा कि राष्ट्र रक्षा रूद्राक्ष महायज्ञ से मानव जाति का कल्याण होगा इसमें ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुड़कर पूण्य के भागीदार बनें.

वहीं बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्र रक्षा समिति के जिला संयोजक राणाप्रताप सिंह ने बताया कि धर्म रक्षा के लिए आयोजित इस महायज्ञ में 5 लाख 51000 रुद्राक्ष का 6 दिनों तक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत अभिषेक किया जाएगा. यज्ञ आगामी 24 दिसंबर से 29 दिसंबर तक कैमूर जिले के मोहनिया स्थित महाराणा प्रताप महाविद्यालय के विशाल परिसर में 6 दिनों तक चलेगा. बक्सर जिले से 24 दिसम्बर को प्रातः 10 किला मैदान से हजारों श्रद्धालु भक्त मोहनियां यज्ञ में भाग लेने जायेंगे.

उन्होंने इस अवसर पर जिले वासियों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में यज्ञ में अपनी उपस्थिति देकर पूण्य का भागीदार बनने का आग्रह किया.

उक्त दिव्य रुद्राक्ष यात्रा में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री ब्रजकिशोर बिन्द, पूर्व विधायक रिंकी रानी पाण्डेय, निरंजन राम पूर्व विधायक, ललन पासवान पूर्व विधायक, यज्ञ समिति मोहनियां के संयोजक राकेश उर्फ गबरू सिंह, कैमूर भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज जायसवाल, भाजपा नेता कृष्णा सिंह,अभय सिंह, तरूण सिंह, राष्ट्र रक्षा समिति के संयोजक राणाप्रताप सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज सिंह, बजरंगी तिवारी, आदित्य चौधरी, हरिशंकर गुप्ता, राजाराम पाण्डेय, उमाकांत पाण्डेय, विश्वमित्र सिंह, धर्मेन्द्र सिंह, विरू सिंह, अरुण सिंह, विमल सिंह, अशोक लाल, विनोद राय, चमचम पाण्डेय, सुरेश वर्मा, मुनीजी सिंह, सुरेश गुप्ता, अशोक पासवान, रवि केशरी सहित अन्य सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित थे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!