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दिल्ली में राम कथा में सुशासन विषय पर आयोजित सम्मेलन में हुए सम्मिलित

केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि
अयोध्या में श्रीराम का जन्म जरूर हुआ, लेकिन अवतारी, पराक्रमी राम का ब्रह्मांड नायक के रूप में उनका परिचय बिहार के बक्सर में ही हुआ था। गुरू महर्षि विश्वामित्र ने युवा राम के अंतर में छिपे विराट व्यक्तित्व को बक्सर में ही निखारा था।
केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौबे नई दिल्ली में साहित्यिक सांस्कृतिक शोध संस्थान मुंबई द्वारा राम कथा में सुशासन विषय पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे । इस मौके पर रामकथा का विश्व संदर्भ कोश के प्रथम खंड का भी लोकार्पण किया गया। केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौबे ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने कृतित्व एवं व्यक्तित्व से जो आदर्श समाज के सामने प्रस्तुत किए। उसे निरन्तर आत्मसात करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज के समय में सुशासन का आधार “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिया गया मूलमंत्र है। इसे आत्मसात करके केंद्र की सरकार आगे बढ़ रही है। इस मौके पर केंद्रीय राज्यमंत्री श्री चौबे ने श्रीराम कर्म भूमि न्यास स्थापना के उद्देश्य से उपस्थित देश के अलग अलग राज्यों से आए विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं साधु संतों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि रामायण के दृष्टिकोण से इनकी महत्व को सभी जाने, इसके लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। बक्सर को रामायण सर्किट में जोड़ा गया है। सतयुग से ही हजारों ऋषियों के तप से सिद्ध इस भूमि पर वामन के रूप में विष्णु का अवतार हुआ था। इस वजह से यह वामनाश्रम भी कहलाया। इसके बारे में सभी जाने इसके लिए प्रयास हो रहा है।

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