बक्सर: संयुक्त कृषि भवन,बक्सर के सभागार में दिन शनिवार को डिजिटल क्राॅप सर्वे को लेकर कृषि विभाग के सभी क्षेत्र कर्मी की बैठक आयोजित की गई। बैठक को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी अविनाश शंकर ने बताया कि डिजिटल क्राॅप सर्वे के माध्यम से कृषक एवं कृषक के जमीन की सभी जानकारी डिजिटल प्लेटफाॅर्म पर एक साथ उपलब्ध होगी। आगे उन्होने बताया कि राज्य सरकार द्वारा डिजिटल क्राॅप सर्वे एप्प के माध्यम से बक्सर जिले में फसल आधारित सर्वे कराया जा रहा है, जिससे विभाग के पास विभिन्न प्रकार के फसल एवं फसल से होने वाले उत्पादन का सटीक आॅकड़ एकत्रित होगा।
क्या है डिजिटल क्राॅप सर्वे कार्यक्रम: जिला कृषि पदाधिकारी अविनाश शंकर ने बताया कि खरीफ 2024 में बक्सर जिले में डिजिटल क्राॅप सर्वे कराया जाना है। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के कार्यान्वयन के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई है। इस समय-सीमा अंतर्गत 16 अगस्त से जिले के सभी खेती योग्य भूमि पर डिजिटल क्राॅप सर्वे प्रारंभ किया जाना है। इस सर्वे में किसान सलाहकार सभी किसान के प्लाॅट पर जाकर खेती का रकबा, खेत में लगाये गये फसल की वेरायटी, सिंचाई का साधन इत्यादि को एप्प में संधारित करेंगे। डिजिटल क्राॅप सर्वे सम्पन्न करने की अंतिम तिथ 15 नवंबर 2024 निर्धारित की गई है।
सर्वे से होगी किसानों को सुविधा:- सहायक निदेशक, कृषि अभियंत्रण श्री आशीष कुमार ने बताया कि भविष्य की आवश्यकता और आपात स्थिति की पूर्व तैयारी के लिए यह आॅंकड़ मील का पत्थर साबित होगा। जिले में एप्प के माध्यम से वास्तविक रुप से उगाई जा रही फसल का विवरण और खेत का क्षेत्रफल का डाटा तैयार किया जायेगा। इस सर्वे से फसल के आच्छादन और उत्पादन का सटीक आंकड़ा भी मिल पायेगा। एह एक ऐसा डिजिटल प्लेटफाॅर्म है, जिस पर किसानों का सभी का प्रकार का डैटाबेस मौजूद होगा। डेटाबेस में काश्तकार का नाम, खेत का रकबा, चैहद्दी और उगाई जा रही फसल का विस्तृत विवरण होगा।
सर्वे से लाभ: सफलतापूर्वक सर्वे हो जाने के बाद जरुरतमंद किसानों को सरकारी योजनाओं का समुचित लाभ आसानी से मिल सकेगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड की स्वीकृति, उत्पादों की खरीफ-बिक्री, फसल क्षति का मुआवजा समय से मिल सकेगा।